मुंबई, एजेंसी। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने जब मई 2023 में रू.2,000 के नोटों को प्रचलन से हटाने का ऐलान किया था, तब देशभर में लोगों में इसे लेकर काफी हलचल थी। कई लोग बैंक पहुंच गए, कुछ ने इन नोटों को जल्दबाजी में खर्च कर डाला, लेकिन अब भी एक बड़ी संख्या में ऐसे नोट देश में मौजूद हैं। RBI की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, 30 जून 2025 तक रू.6,099 करोड़ मूल्य के दो हजार के नोट अब भी सर्कुलेशन में हैं।
क्या है पूरी कहानी?
मई 2023 में जब रिजर्व बैंक ने रू.2,000 के नोटों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की घोषणा की, उस समय बाजार में इनकी कुल मात्रा करीब रू.3.56 लाख करोड़ थी। बैंक ने नोटों को 7 अक्टूबर 2023 तक बैंकों में जमा कराने या बदलने की सुविधा दी थी। इस अवधि के बाद, 9 अक्टूबर 2023 से केवल RBI के इश्यू ऑफिस में ही इन्हें जमा या एक्सचेंज करने की सुविधा जारी रही।
अब तक कितने नोट वापस आए?
RBI के मुताबिक, 30 जून 2025 तक कुल 98.29% रू.2,000 के नोट वापस आ चुके हैं। इसका मतलब है कि जनता ने इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया और ज्यादातर नोट वापस कर दिए। लेकिन फिर भी करीब रू.6,099 करोड़ के नोट अब भी प्रचलन में हैं, जो या तो लोगों के पास हैं या फिर शायद कहीं जमा कर दिए गए हैं और अभी तक बदले नहीं गए।
अब भी चलेंगे ये नोट? हां, वैध मुद्रा हैं!
इस बीच, कई लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या अब रू.2,000 का नोट वैध है?
जवाब है – हां!
RBI ने यह साफ किया है कि दो हजार रुपये का नोट अभी भी “वैध मुद्रा” (Legal Tender) है। आप चाहें तो इसे किसी भी बैंक में अपने खाते में जमा करा सकते हैं या फिर RBI के 19 क्षेत्रीय कार्यालयों में जाकर इसे छोटे नोटों में बदल सकते हैं।
अगर आप RBI ऑफिस नहीं जा सकते तो क्या करें?
यदि आप किसी वजह से आरबीआई के किसी ऑफिस तक नहीं जा पा रहे हैं, तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। पोस्ट ऑफिस (डाकघर) के माध्यम से भी आप अपने रू.2,000 के नोट RBI के इश्यू ऑफिस को भेज सकते हैं और उन्हें अपने खाते में जमा करा सकते हैं। इस सुविधा को भी RBI ने आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जारी रखा है।
इन बातों का रखें ध्यान:
-रू.2,000 के नोट अभी भी लीगल टेंडर हैं यानी उन्हें भुगतान के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
-यदि आपके पास ये नोट हैं, तो जल्द से जल्द इन्हें बैंक या RBI में जमा कराएं या बदल लें।
-RBI की क्लीन नोट पॉलिसी के तहत इन नोटों को हटाया गया था, ताकि मार्केट में छोटे और साफ-सुथरे नोटों का अधिक इस्तेमाल हो।
-ये नोट विशेष रूप से बड़े ट्रांजेक्शन और नकदी छिपाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे, इसलिए RBI ने इन्हें चरणबद्ध तरीके से हटाने का फैसला लिया।
क्यों लाया गया था रू.2,000 का नोट?
रू.2,000 का नोट पहली बार नोटबंदी के बाद नवंबर 2016 में जारी किया गया था, जब 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद कर दिए गए थे। उस समय तात्कालिक नकदी संकट से निपटने और बाजार में करेंसी उपलब्ध कराने के लिए यह उच्च मूल्यवर्ग का नोट लाया गया था। लेकिन समय के साथ, इसका उपयोग कम होता गया और अब इसे हटाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
