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पंजीयन नहीं हुआ, 1 हजार किसान धान बेचने से वंचित

कोरबा। समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए रकबा में सुधार, एकीकृत किसान पोर्टल में कैरी फॉरवार्ड कराने की सोमवार को अंतिम तिथि थी। लेकिन करीब 1 हजार किसानों का एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन के बाद अप्रूवल नहीं होने से कैरी फॉरवर्ड ही नहीं हुआ। अब किसान धान भी नहीं बेच पाएंगे।

राज्य शासन ने इस बार धान बेचने के लिए किसानों को एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य कर दिया है। जो किसान पहले पंजीकृत हैं उनका एग्रीस्टैक में पंजीयन होने के बाद ही एकीकृत किसान पोर्टल में कैरी फॉरवर्ड करने का नियम है। इसमें सबसे अधिक समस्या उन किसानों को हुई है जिन्होंने एग्रीस्टैक में पंजीयन तो कर लिया लेकिन पटवारी ने अप्रूवल ही नहीं किया। ऐसा ही मामला उमरेली में सामने आया। नवापारा के किसान रामकुमार ने बताया कि मैंने पटवारी से संपर्क किया लेकिन उन्होंने फोन ही रिसीव नहीं किया। इस वजह से इस बार मैं धान नहीं बेच पाऊंगा।

इसी तरह की समस्या बाकी समितियों में भी सामने आई। राज्य शासन ने गिरदावरी और डिजिटल कॉर्प सर्वे में भी संशोधन और सुधार के लिए समय दिया था। लेकिन अन्य फसल के रकबे में सुधार ही नहीं हुआ। इसकी वजह से बुंदेली के किसान सुनील वर्गीस ने कोदो और रागी की फसल को ही मवेशियों के चरने के लिए खुला छोड़ दिया।

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