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बगनई नदी में फंसे 14 मजदूरों का रेस्क्यू:रायपुर के कई इलाकों में जलभराव, घरों में घुसा पानी, अगले 2 दिन भारी बारिश का अलर्ट

रायपुर, एजेंसी। शनिवार रात रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में जमकर बारिश हुई। रायपुर में महज आधे घंटे में 30 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। रेल्वे स्टेशन में झरने की करह पानी बहने लगा। टाटीबंध सहित कई बस्तियों में घरों में पानी घुस गया, जबकि शहर के पॉश इलाकों की सड़कें भी पानी में डूब गईं।

शनिवार शाम हुई तेज बारिश के बाद मंडी गेट, भाजपा कार्यालय के आसपास, रोहिणीपुरम कॉलोनी समेत कई क्षेत्रों में पानी भर गया। रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 के शेड से बारिश का पानी तेज धार के साथ झरने की तरह गिरता रहा, जिससे यात्रियों को आने-जाने और ट्रेन का इंतजार करने में मुश्किलें हुईं।

दुर्ग, जगदलपुर, रायगढ़ और राजनांदगांव समेत प्रदेश के कई जिलों में भी अच्छी बारिश हुई है। वहीं, गरियाबंद जिले में बगनई नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से 14 मजदूर नदी के बीच फंस गए। सूचना मिलने पर प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी मजदूरों का सुरक्षित रेस्क्यू किया।

मौसम विभाग के अनुसार, पूरे छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय हो चुका है। अगले दो दिनों तक मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कई क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका जताई है।

लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की गई है।

इन जिलों में तेज आंधी-बारिश का अलर्ट

सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, दुर्ग, बेमेतरा और कबीरधाम जिलों के कुछ हिस्सों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा, गरज-चमक और बारिश की संभावना है।

इन जिलों में भी बारिश और बिजली गिरने की आशंका

सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, महासमुंद, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर जिलों के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा, गरज-चमक और बारिश हो सकती है।

सबसे ज्यादा बारिश यहां हुई

पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा 140 मिमी बारिश बाड़े बचेली में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा ओरछा और चांपा में 70-70 मिमी, कोंटा, कुटारू, भैरमगढ़, थानखम्हरिया और बरमकेला में 60-60 मिमी बारिश हुई। वहीं मलखरौदा, कोहकामेटा, शिवरीनारायण, जांजगीर, बीजापुर, सारंगढ़, गंगालूर और सारिया में 50-50 मिमी बारिश दर्ज की गई।

रपटा में फंसी पिकअप, 20-25 लोग थे सवार

एक दिन पहले शुक्रवार को कबीरधाम जिले के ढोलढोली रपटा मार्ग पर तेज बहाव में 20 से 25 यात्रियों से भरी पिकअप फंस गई थी, जिन्हें ग्रामीणों ने महिलाओं और बच्चों समेत सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था।

बिजली गिरने से किसान की मौत

इसके साथ ही आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं। शुक्रवार को कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र के ग्राम तुमान में खेत में काम कर रहे किसान धनीराम पटेल (75) की मौत हो गई, जबकि उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। इससे एक दिन पहले सक्ती जिले में भी बिजली गिरने से पति-पत्नी की मौत हो गई थी।

वहीं, राजधानी रायपुर में जलभराव को लेकर नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा कि सभी 70 वार्डों में त्राहिमाम मचा हुआ है, सिर्फ एसी कमरे में बैठक से ही जिम्मेदारी ख़त्म नहीं होती है, गर्मी में न तो सरकार पीने का पानी दे पा रही है, ना ही जलभराव से बचाव करवा पा रही है, क्या यही अमृतकाल है।

कोरबा में बिजली गिरने से खेत में काम कर रहे किसान की मौत।

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