धरने पर बैठे तहसीलदार-नायब तहसीलदार, 17 मांगों को लेकर आंदोलन
जांजगीर-चांपा। जांजगीर चांपा जिले के सभी ब्लॉक के तहसीलदार और नायब तहसीलदार सोमवार को हॉकी मैदान में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन पर बैठे हैं। उनकी 17 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन तेज हुआ है। इससे राजस्व विभाग का काम प्रभावित हुआ है।
यह आंदोलन छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के बैनर तले किया जा रहा है। संघ ने राज्य शासन एवं विभाग को लंबे समय से तहसील कार्यालयों की समस्याओं से अवगत कराया था। लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं मिलने पर 28 जुलाई 2025 से चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की गई है।

जांजगीर चांपा जिले के तहसील ऑफिस में कामकाज ठप्प।
अब तक सकारात्मक पहल नहीं
संघ का कहना है कि “संसाधन नहीं तो काम नहीं” के सिद्धांत पर आधारित 17 सूत्रीय मांगों को लेकर लगातार ज्ञापन दिए गए। शासन का ध्यान आकर्षित किया गया। किंतु अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई है।
मूलभूत सुविधाओं का भारी अभाव
संघ के अनुसार तहसील कार्यालयों में तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों को मूलभूत सुविधाओं का भारी अभाव है। मानव संसाधन, तकनीकी उपकरण, सुरक्षा व्यवस्था, शासकीय वाहन और कार्यालयीन सहयोग जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। इससे नियमित कार्यों में गंभीर बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं।
तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के आंदोलन में जाने से कई महत्वपूर्ण काम प्रभावित हुए हैं। राजस्व विभाग के जमीन संबंधित न्यायालयीन प्रकरण, आय जाति निवास प्रमाण पत्र, किसान पंजीयन, भुईयां पोर्टल सहित अन्य जरूरी काम रुके हुए हैं। साथ ही प्रकरणों की कार्यवाही में भी विलंब हो रहा है।
