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सौर ऊर्जा से रोशन राहें, स्वच्छ पेयजल से आसान हुई जिंदगी

जिला खनिज संस्थान न्यास कोरबा से दूरस्थ क्षेत्रों में विकास की नई पहल

कोरबा। जिले के दूरस्थ, दुर्गम और पहुंचविहीन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) की पहल अब ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। सौर ऊर्जा आधारित योजनाओं के माध्यम से जहां रात के अंधेरे में आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम हुआ है, वहीं सोलर ड्यूल पंपों से दूरस्थ गांवों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

रात के अंधेरे में अब सुरक्षित सफर
जिला खनिज संस्थान न्यास मद से जिले के विभिन्न स्थानों पर 09 सोलर हाईमास्ट संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें कुदरीचौली से भैंसमा राष्ट्रीय राजमार्ग, उरगा से भैंसमा राष्ट्रीय राजमार्ग तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पसान जैसे महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं।
सौर ऊर्जा आधारित इन हाईमास्ट संयंत्रों से राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख आवागमन मार्गों पर रात के समय पर्याप्त रोशनी उपलब्ध होगी। इससे लगभग 08 हजार से 10 हजार राहगीरों को प्रत्यक्ष सुविधा मिलने की उम्मीद है। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पसान में रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था से मरीजों, उनके परिजनों और स्वास्थ्य कर्मियों को भी लाभ मिलेगा।
20 दूरस्थ गांवों में सौर ऊर्जा से पहुंचेगा स्वच्छ पेयजल
कोरबा जिले के दूरस्थ, दुर्गम एवं पहुंचविहीन ग्रामों में पेयजल की समस्या को दूर करने के लिए 20 स्थानों पर सोलर ड्यूल पंप स्थापित किए जा रहे हैं। इन संयंत्रों के माध्यम से सौर ऊर्जा का उपयोग कर ग्रामीणों तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाने की व्यवस्था विकसित की जा रही है।
इस पहल का सबसे बड़ा लाभ लगभग 500 परिवारों को मिलेगा। अब ग्रामीणों को पेयजल के लिए दूर तक जाने की आवश्यकता नहीं होगी और गांव में ही स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।
खराब पड़े 50 सोलर पंपों को फिर मिलेगी नई जिंदगी

पेयजल व्यवस्था को निरंतर सुचारू बनाए रखने के लिए जिले में पहले से स्थापित ऐसे 50 सोलर ड्यूल पंपों को भी पुनः कार्यशील करने की पहल की गई है, जो स्थापना के पांच वर्ष पूरे होने के बाद वारंटी अवधि से बाहर हो चुके हैं।
वारंटी समाप्त होने के बाद पंप खराब होने से संबंधित गांवों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही थी। अब चिन्हांकित 50 सोलर ड्यूल पंपों में नए पंप लगाए जाकर उन्हें पुनः कार्यशील किया जाएगा। इससे ग्रामीणों को नियमित रूप से पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और सौर ऊर्जा आधारित पेयजल व्यवस्था को लंबे समय तक बनाए रखने में भी सहायता मिलेगी।
विकास की ऐसी पहल, जो सीधे जीवन को आसान बनाती है
कोरबा में डीएमएफ की इन पहलों का उद्देश्य केवल अधोसंरचना तैयार करना नहीं, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और आत्मनिर्भर बनाना है। एक ओर सोलर हाईमास्ट से रात के अंधेरे में सुरक्षित आवागमन और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी, वहीं दूसरी ओर सोलर ड्यूल पंप ग्रामीण परिवारों के लिए गांव में ही स्वच्छ पेयजल की सुविधा सुनिश्चित करेंगे।
सौर ऊर्जा से रोशनी और पानी डीएमएफ की यह पहल कोरबा के दूरस्थ क्षेत्रों में विकास की ऐसी कहानी लिख रही है, जिसका सीधा असर लोगों के रोजमर्रा के जीवन पर दिखाई देगा।

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