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योगी के ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ बयान को RSS का समर्थन:सरकार्यवाह होसबोले ने कहा- अगड़ा और पिछड़ा, जाति-भाषा में भेद करेंगे तो हम कटेंगे

मथुरा ,एजेंसी। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ यानी RSS ने सीएम योगी के ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ बयान का समर्थन किया है। मथुरा में सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- हिंदू समाज एकता में नहीं रहेगी तो आजकल की भाषा में बंटेंगे तो कटेंगे हो सकता है।

उन्होंने कहा- समाज में अगड़ा-पिछड़ा, जाति-भाषा में भेद करेंगे तो हम कटेंगे। इसलिए एकता जरूरी है। हिंदू समाज की एकता लोक कल्याण के लिए है। वह सबको सुख प्रदान करेगी। हिंदुओं को तोड़ने के लिए शक्तियां काम कर रही हैं। आगाह करना जरूरी है।

क्या संघ और भाजपा में खींचतान चल रही? इस पर होसबोले ने कहा- हम सार्वजनिक संगठन हैं। हमारी किसी के साथ खींचतान नहीं। हम भाजपा, कांग्रेस, उद्योगपति सभी लोगों से मिलते हैं। हम चाहते हैं कि समाज में नफरत न हो।

हिंदू समाज अपनी रक्षा करे और संगठित रहे…

होसबोले ने कहा- कई जगहों से धर्मांतरण के मामले आ रहे हैं। दुर्गा पूजा और गणेश विसर्जन के समय हमले भी हुए हैं। हिंदू समाज अपनी रक्षा करे और संगठित होकर रहे।

केरल के वायनाड में लैंडस्लाइड हुई। 1000 स्वयंसेवक सेवा के लिए उतरे। हिंदू-मुस्लिम सबकी समान रूप से मदद की गई। मुस्लिम लोगों की मृत्यु हुई तो उनकी मान्यताओं के अनुसार स्वयंसेवकों ने उनका अंतिम संस्कार किया।

योगी के बयान का पीएम ने भी समर्थन किया था

सीएम योगी ने पहली बार इसी साल 27 अगस्त को आगरा में कहा था- राष्ट्र से बढ़कर कुछ नहीं। राष्ट्र तभी सशक्त होगा, जब हम एक होंगे। बांग्लादेश में देख रहे हैं न, वो गलतियां यहां नहीं होनी चाहिए…बंटेंगे तो कटेंगे। एक रहेंगे-नेक रहेंगे। सुरक्षित रहेंगे और समृद्धि की पराकाष्ठा तक पहुंचेंगे।

इसके बाद पीएम मोदी ने 5 अक्टूबर को महाराष्ट्र के ठाणे और वाशिम में विभिन्न योजनाओं के शिलान्यास के बाद हुई जनसभा में कहा था- उनका वोट बैंक तो एक रहेगा, लेकिन बाकी लोग आसानी से बंट जाएंगे। हमें याद रखना है कि अगर हम बंटेंगे तो बांटने वाले महफिल सजाएंगे।

परिवर्तन लाने की अपील

दत्तात्रेय ने कहा- RSS प्रमुख ने पंच परिवर्तन का उल्लेख किया है। 1- कुटुंब प्रबोधन, 2- सामाजिक समरसता, 3- पर्यावरण संरक्षण, 4- स्वदेशी जीवन शैली, 5- नागरिक कर्तव्य। इन 5 विषयों की अपने जीवन में आदत डालें। दूसरे लोगों को भी प्रेरित करें। इस बार 100वें वर्ष में संघ ने प्रवेश किया है। 100 साल पूरे होने पर शताब्दी वर्ष बड़े पैमाने पर मनाएंगे। इस साल देशभर में 6645 शाखाएं बढ़ी हैं।

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