बिलासपुर, एजेंसी। बिलासपुर जिले के कोटा क्षेत्र के ग्राम अमाली में मेसर्स विराज अर्थ फ्यूजन प्राइवेट लिमिटेड की तरफ से प्रस्तावित 2.6 एमटीपीए क्षमता की ग्रीनफील्ड वेट टाइप कोल वाशरी परियोजना को लेकर पर्यावरण संरक्षण मंडल की जनसुनवाई में विरोध और समर्थन में जमकर हंगामा हुआ।
स्थानीय लोगों ने क्षेत्र के विकास और रोजगार के दावों के साथ समर्थन किया तो वहीं पर्यावरण प्रदूषण, कृषि और उपजाऊ जमीन के बंजर होने का खतरा बताकर विरोध जताया। जनसुनवाई दोपहर 2 बजे तक चली। जनसुनवाई की अध्यक्षता एडिशनल कलेक्टर ने की।

वहीं, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पुलिस अफसर भी मौजूद रहे। सुबह 11 बजे से सुनवाई शुरू हुई, जिसमें करीब 280 लोगों को अपनी बात रखने का अवसर मिला, जिसमें पक्ष और विपक्ष में लोगों ने अपनी बातें रखी।
स्थानीय लोगों के साथ कांग्रेसियों ने किया विरोध
सुनवाई में लोगों ने परियोजना का विरोध करते हुए कहा कि, प्रस्तावित जमीन अधिक उपजाऊ कृषि भूमि है। यहां कोल वाशरी से धूल, प्रदूषण बढ़ेगा, जिससे पर्यावरण और आजीविका पर असर पड़ेगा। छात्रों ने भी विरोध जताते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों के पास ऐसे उद्योग भविष्य के लिए नुकसानदेह हैं। सुनवाई के दौरान ‘कोल वाशरी नहीं चलेगी’ के नारे भी लगे।
वहीं, ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि, अंतिम चरण में बाहरी लोगों को अंदर लाकर कोल वाशरी के समर्थन में बोलने दिया गया, जिसे लेकर हंगामा भी हुआ। विरोध करने वालों में कांग्रेस नेता और पूर्व जनपद अध्यक्ष संदीप शुक्ला, कांग्रेस के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष आदित्य दीक्षित, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अरुण त्रिवेदी, संतोष गुप्ता, कुलवंत सिंह सहित स्थानीयजन और कांग्रेसी मौजूद रहे।
स्थानीय युवाओं ने कहा- रोजगार के अवसर के साथ होगा विकास
जनसुनवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान स्थानीय और ग्रामीणों युवाओं ने परियोजना का समर्थन करते हुए कहा कि कोल वाशरी की स्थापना से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, स्थानीय युवाओं को काम मिलेगा। व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, कोलवाशरी के साथ क्षेत्र का विकास भी होना चाहिए।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि औद्योगिक निवेश से क्षेत्र की भूमि के मूल्य में वृद्धि होगी। गांव और आसपास के क्षेत्रों के आर्थिक विकास को गति मिलेगी। वहीं, जनसुनवाई के आखिरी में प्रबंधन की तरफ से आश्वासन दिया गया कि ग्रामीणों की मांगों और सुझाव का ध्यान रखा जाएगा।
औद्योगिक विकास से क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के साथ व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी काम किया जाएगा।
