रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ भाजपा ने NEET पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान की एक छात्रा की तस्वीर शेयर कर उसे ‘बाबर की विरासत पर ठुमके लगाने वाले Gen-Z’ बताया। दूसरी ओर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से सम्मानित छात्रा की तस्वीर शेयर कर उसे ‘छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाने वाले Gen-Z’ बताया।
पोस्ट के बाद कंटेंट क्रिएटर उर्वशी पलांडुरकर ने वीडियो जारी कर जवाब दिया। वहीं प्रियंका चतुर्वेदी, अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने भाजपा को घेरते हुए पोस्ट पर सवाल उठाए।

छत्तीसगढ़ भाजपा के सोशल मीडिया पेज में पोस्ट शेयर हुआ है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
पोस्ट वायरल होने के बाद उर्वशी ने एक वीडियो शेयर कर कहा कि उनकी तस्वीर और वीडियो का इस्तेमाल बिना अनुमति राजनीतिक पोस्ट में किया गया। ऐसे में उन्हें बड़ी संख्या में ट्रोलिंग और आपत्तिजनक संदेशों का सामना करना पड़ा।
उर्वशी ने तंज कसते हुए कहा कि आज की Gen-Z पुराने राजनीतिक नैरेटिव से खुद को नहीं जोड़ती और सोशल मीडिया पर तथ्यों के साथ जवाब देना भी जानती है।
विवाद के बीच Gen-Z कंटेंट क्रिएटर उर्वशी का सोशल मीडिया पर जवाब दिया।
10वीं-12वीं में 93% अंक, पढ़ाई और डांस दोनों साथ
उर्वशी ने अपने वीडियो में कहा कि किसी व्यक्ति का आकलन केवल एक वीडियो क्लिप के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि 10वीं और 12वीं दोनों बोर्ड परीक्षाओं में उन्हें 93 प्रतिशत अंक मिले थे।
उन्होंने डांस, कंटेंट क्रिएशन, योग और अन्य गतिविधियों में अपनी उपलब्धियों का भी जिक्र करते हुए कहा कि पढ़ाई और अन्य प्रतिभाओं को साथ लेकर आगे बढ़ना पूरी तरह संभव है
छत्तीसगढ़ बीजेपी के सोशल मीडिया पेज पर यह पोस्ट भी शेयर की गई है।
विवाद में नेताओं की भी एंट्री
उर्वशी का जवाब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो को करोड़ों बार देखा गया और बड़ी संख्या में लोगों ने उनके आत्मविश्वास और तार्किक जवाब की सराहना की।
इस विवाद पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, कांग्रेस नेता बीवी श्रीनिवास और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत कई विपक्षी नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी। कई नेताओं ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा की पोस्ट पर “लेने के देने पड़ गए”।
