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छत्तीसगढ़ में बिजली-बिल पर बवाल….कांग्रेस ने जलाई प्रतियां:बैज बोले-जनता की जेब में डाका-डाल रही सरकार, चौथी बार बढ़े दाम, जानिए कितना देना होगा चार्ज

रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ की साय सरकार के खिलाफ कांग्रेस आक्रामक है। बिजली के बढ़े दामों के खिलाफ कांग्रेस ने शनिवार को बूढ़ापारा स्थित CSPDCL (बिजली ऑफिस) के बाहर प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिजली बिलों की प्रतियां जलाकर नाराजगी जताई।

बिजली बिल के खिलाफ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि इतिहास गवाह है कि भाजपा की सरकारों में जनता को लूटने के तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जाते हैं। साय सरकार ने चौथी बार बिजली के दाम बढ़ाए हैं। साय सरकार जनता की जेब में डाका डाल रही है।

बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार आने के बाद प्रदेशभर में बिजली कटौती शुरू हो गई। लगातार दाम बढ़ाए जा रहे हैं। राज्य में कोयला हमारा, पानी हमारा, जमीन हमारी और बिजली हमें ऊंची दरों पर बेची जा रही है? सरकार के खिलाफ चरणबद्ध तरीके से प्रदेशभर में आंदोलन करेंगे।

छत्तीसगढ़ की साय सरकार के खिलाफ कांग्रेस ने प्रदर्शन किया।

छत्तीसगढ़ में बढ़े बिजली बिल के खिलाफ कांग्रेस ने बिल की प्रतियां जलाकर विरोध किया।

रायपुर में कांग्रेस ने बिजली बिल की प्रतियां जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। साय सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

साय सरकार ने चौथी बार बिजली के बढ़ाए दाम- बैज

दीपक बैज ने कहा कि 2003 से 2018 तक रमन सरकार ने हर साल बिजली के दाम बढ़ाए। 2003 में छत्तीसगढ़ में घरेलू उपभोक्ताओं को 3.30 रुपए की दर से बिजली मिलती थी, जिसे 15 साल के कुशासन के बाद रमन सिंह के कार्यकाल में बढ़ाकर 6.40 रुपए कर दिया गया।

कांग्रेस ने 3 हजार 240 करोड़ की सब्सिडी दी

बैज ने कहा कि भूपेश सरकार ने छत्तीसगढ़ के 65 लाख से ज़्यादा घरेलू उपभोक्ताओं राहत दी। बिजली बिल हाफ योजना के तहत लगभग 3 हजार 240 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी। किसानों को 5 एचपी तक मुफ़्त बिजली, बीपीएल उपभोक्ताओं को 40 यूनिट तक मुफ़्त बिजली दी गई। अस्पतालों और उद्योगों को रियायती दरों पर बिजली देकर राहत दी गई।

महंगी बिजली के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन

  • सरप्लस बिजली उत्पादन वाले राज्य में महंगी दरों पर बिजली बेचे जाने का विरोध
  • बिजली की दरों में हुई वृद्धि के खिलाफ ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन
  • 15, 16 और 17 जुलाई 2025 को JE और EE के कार्यालयों का घेराव
  • 22 जुलाई 2025 को सभी जिला बिजली कार्यालयों का घेराव

कांग्रेस की प्रमुख मांगें

  • राज्य सरकार बिजली दरों में की गई वृद्धि को तत्काल वापस ले
  • आम जनता और किसानों को राहत देने के लिए बिजली दरें हों पुनर्निर्धारित
  • सरप्लस बिजली उत्पादन का लाभ जनता को मिलना चाहिए

बिजली बिल का जनता की जेब पर कितना असर पड़ेगा ?

बता दें कि, छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं को अगस्त से बढ़ा हुआ बिल भरना पड़ेगा। बिजली नियामक आयोग शुक्रवार को नया टैरिफ जारी किया है। आयोग और बिजली कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 20 पैसे ज्यादा देना होगा। इसी तरह कॉमर्शियल के लिए 25 पैसे प्रति यूनिट ज्यादा देना होगा।

वहीं इस बढ़ोतरी को कांग्रेस ने जनता पर अत्याचार बताया है। अधिकारियों के मुताबिक नुकसान की भरपाई करने के लिए यह कदम उठाया गया है। दैनिक भास्कर डिजिटल ने सबसे पहले बताया था कि प्रति यूनिट 10-15 पैसे तक की बढ़ोतरी की जा सकती है।

जून 2025 से शुरू हुई थी प्रक्रिया

बिजली यूनिट बढ़ाने की कवायद 20 जून से शुरू हुई थी। आयोग के अध्यक्ष ने उपभोक्ताओं को जनसुनवाई के लिए आमंत्रित किया था। जनसुनवाई की जानकारी मिलने पर आयोग दफ्तर पहुंचे कांग्रेस पदाधिकारियों ने जमकर प्रदर्शन किया था।

आयोग के पदाधिकारियों घरेलू उपभोक्ता, कॉमर्शियल उपभोक्ता, किसान और बिजली कंपनी के अधिकारियों से पक्ष जानने के बाद बिजली की दरों में बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है।

कंपनी ने भेजा 20 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव

राज्य विद्युत वितरण कंपनी (CSPDCL) ने छत्तीसगढ़ बिजली नियामक आयोग को 4550 करोड़ रुपए का घाटा बताते हुए 20 पैसे बिजली दर वृद्धि का प्रस्ताव भेजा था। तर्क दिया गया है कि, लाइन लॉस, बिजली चोरी की वजह से कंपनी को राजस्व में नुकसान हो रहा है।

65 लाख से ज्यादा उपभोक्ता

बिजली कंपनी में वर्तमान में 65 लाख से ज्यादा उपभोक्ता है। ये उपभोक्ता बीपीएल, घरेलू, कॉमर्शियल और कृषि उपभोक्ता में बंटे हुए हैं। नए टैरिफ का असर बीपीएल, घरेलू और कृषि उपभोक्ता पर कम और कॉमर्शियल उपभोक्ताओं पर ज्यादा पड़ेगा।

जून 2024 में आयोग ने बढ़ाई थी दरें

छत्तीसगढ़ बिजली नियामक आयोग ने आखिरी बार बिजली दर में बढ़ोतरी जून 2024 को की थी। वर्ष 2023 में चुनावी साल होने की वजह से बिजली दर में बढ़ोतरी नहीं की थी।

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