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पीएम के ‘अर्बन नक्सली’ बयान पर बवाल:चरणदास महंत बोले- देश के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति को शब्दों में संतुलन रखना चाहिए

सक्ती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कांग्रेस को ‘अर्बन नक्सली’ बताने वाले बयान पर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने इस टिप्पणी को गैर-जिम्मेदाराना और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया है। उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति को अपने शब्दों में संतुलन रखना चाहिए, जो वर्तमान में नहीं दिख रहा है।

चरणदास महंत ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री जहां जाते हैं, वहां के माहौल के अनुसार उनके बयान और राजनीतिक भाषा बदल जाती है। देश, जनता, लोकतंत्र और विकास जैसे मूल मुद्दों से ध्यान हटाकर अब राजनीतिक बयानबाजी को अधिक महत्व दिया जा रहा है। बिना ठोस आधार के दिए गए ऐसे बयान राजनीतिक वातावरण को अनावश्यक रूप से तनावपूर्ण बनाते हैं और लोकतांत्रिक संवाद की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं।

महंत ने राजनीतिक बयानबाजी करार

नेता प्रतिपक्ष ने जोर दिया कि किसी भी जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को सोच-समझकर बयान देना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि “जो मन में आए, वह बोल देना” देश के प्रधानमंत्री के पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है।

महंत ने कहा कि वे प्रधानमंत्री के बयानों को सुनते हैं, लेकिन व्यक्तिगत रूप से बुरा नहीं मानते। उन्होंने इसे राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा बताया और कहा कि जनता सब समझती है, समय आने पर जवाब भी देती है।

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