राजेश यादव बोले—किसानों के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, महिला अधिकारियों पर कथित टिप्पणी की भी हो निष्पक्ष जांच
कोरबा/कटघोरा। कटघोरा कृषि विभाग में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के बिना सूचना लंबे समय तक कार्यक्षेत्र से अनुपस्थित रहने के मामले में विभाग ने कार्रवाई करते हुए ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी देवशरण पैकरा को निलंबित कर दिया है।
ज्ञात हो कि भाजपा झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक राजेश यादव ने किसानों की समस्याओं तथा संबंधित अधिकारी की कार्यक्षेत्र से अनुपस्थिति का मुद्दा उठाते हुए 24 अगस्त 2026 को उपमुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री अरुण साव, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, जिला कलेक्टर सहित विभागीय अधिकारियों से शिकायत की थी। इसके बाद विभागीय स्तर पर कार्रवाई की गई।
उप संचालक कृषि, जिला-कोरबा द्वारा जारी आदेश क्रमांक स्थापना-01/निलं./2026-27/3921, दिनांक 15 सितंबर 2026 के तहत देवशरण पैकरा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
बिना सूचना कार्यक्षेत्र से अनुपस्थित
विभागीय आदेश के अनुसार देवशरण पैकरा, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, क्षेत्र कटघोरा एवं जेंजरा, 1 अगस्त 2026 से बिना सूचना एवं बिना अवकाश के अपने कार्यक्षेत्र से अनुपस्थित रहे। विभागीय स्तर पर इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम 3 का उल्लंघन माना गया।
संबंधित अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के प्रस्ताव एवं विभागीय पत्राचार के आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1) के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है।
निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, विकासखंड पोड़ी-उपरोड़ा निर्धारित किया गया है तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
किसानों के काम प्रभावित होने की भी हो जवाबदेही तय
राजेश यादव ने कहा कि यह मामला केवल अधिकारी के निलंबन तक सीमित नहीं रहना चाहिए। यदि संबंधित अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण कटघोरा एवं जेंजरा क्षेत्र के किसानों के विभागीय कार्य अथवा शासन की कृषि योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावित हुआ है, तो उसकी भी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “विभाग ने निलंबन की कार्रवाई कर दी है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि इस दौरान किसानों को जो परेशानी हुई और जिनके काम प्रभावित हुए, उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? किसान किसी अधिकारी की अनुपस्थिति का खामियाजा क्यों भुगते?”
राजेश यादव ने कहा कि किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं, तकनीकी मार्गदर्शन और आवश्यक सेवाओं का लाभ समय पर मिलना चाहिए। इसके लिए कटघोरा-जेंजरा क्षेत्र में तत्काल वैकल्पिक अधिकारी की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि किसानों के कार्य प्रभावित न हों।
महिला अधिकारियों पर कथित टिप्पणी की भी निष्पक्ष जांच की मांग
राजेश यादव ने संबंधित अधिकारी पर महिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति कथित रूप से आपत्तिजनक एवं अभद्र टिप्पणियां किए जाने के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच की मांग की है।
उन्होंने कहा कि यदि विभाग के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में ऐसी टिप्पणियां की गई हैं, तो इसकी तथ्यात्मक जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जानी चाहिए।
उन्होंने कहा, “महिला शक्ति का सम्मान हमारी संस्कृति है। यदि किसी महिला अधिकारी या कर्मचारी के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणी की गई है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।”
कृषि विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर उठाए सवाल
राजेश यादव ने कहा कि वे पूरे मामले से कृषि मंत्री रामविचार नेताम, कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव एवं कलेक्टर कोरबा को अवगत कराएंगे तथा किसानों के हित में आवश्यक कदम उठाने की मांग करेंगे।
उन्होंने कहा, “मेरा उद्देश्य किसी व्यक्ति को निशाना बनाना नहीं, बल्कि किसानों के हितों की रक्षा करना है। निलंबन कार्रवाई के साथ यह भी सुनिश्चित होना चाहिए कि भविष्य में किसी अधिकारी की लापरवाही का असर किसानों पर न पड़े।”

