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सरस्वती शिशु मंदिर एचटीपीपी दर्री में रक्षाबंधन पर सृजनात्मकता और करियर मार्गदर्शन का संगम

राखी बनाओ प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा, तनय अग्रवाल रहे प्रथम
करियर गाइडेंस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को मिले भविष्य निर्माण के महत्वपूर्ण सुझाव
प्राचार्य सुषमा बारस्कर के निर्देशन में हुए दोनों आयोजन, विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और लक्ष्य निर्धारण की मिली प्रेरणा

कोरबा/दर्री। सरस्वती शिशु मंदिर एचटीपीपी दर्री में रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए उचित मार्गदर्शन प्रदान करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। विद्यालय में आयोजित राखी बनाओ प्रतियोगिता और करियर गाइडेंस कार्यक्रम ने जहां एक ओर सृजनात्मकता, कलात्मक कौशल एवं भारतीय संस्कृति के प्रति विद्यार्थियों की रुचि को बढ़ावा दिया, वहीं दूसरी ओर उन्हें अपने भविष्य के लक्ष्य निर्धारित करने तथा सही करियर विकल्प चुनने की दिशा में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।

रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर आयोजित राखी बनाओ प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ सहभागिता की। विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता और कलात्मक प्रतिभा का परिचय देते हुए विभिन्न रंगों, सजावटी सामग्रियों एवं आकर्षक वस्तुओं का उपयोग कर सुंदर और कलात्मक राखियां तैयार कीं। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। उन्होंने अपनी बनाई राखियों में नवीनता, आकर्षण और मौलिकता का समावेश करते हुए अपनी सृजनात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की राखियों का मूल्यांकन उनकी सृजनात्मकता, कलात्मक कौशल, मौलिकता तथा प्रस्तुति के आधार पर किया गया। प्रतियोगिता में तनय अग्रवाल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि आशी ठाकुर द्वितीय तथा सान्वी यादव तृतीय स्थान पर रहीं। विद्यालय परिवार की ओर से विजेता विद्यार्थियों सहित सभी प्रतिभागियों को बधाई दी गई।

राखी बनाओ प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और पारंपरिक पर्वों से जोड़ने का प्रयास किया गया। विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि इस प्रकार की रचनात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, कल्पनाशीलता और अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना विकसित करती हैं। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने जिस उत्साह के साथ भाग लिया, उससे विद्यालय में उत्सव का वातावरण बना रहा।

इसी क्रम में विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास और भविष्य की बेहतर तैयारी को ध्यान में रखते हुए विद्यालय में करियर गाइडेंस कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रवक्ता श्री उल्लास नायर ने विद्यार्थियों को विभिन्न करियर विकल्पों, विषय चयन, प्रतियोगी परीक्षाओं तथा भविष्य में उपलब्ध संभावनाओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि करियर का चयन केवल रुचि के आधार पर ही नहीं, बल्कि अपनी क्षमता, योग्यता, रुचि और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सोच-समझकर किया जाना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अपने मन में उठ रहे करियर संबंधी विभिन्न प्रश्नों और जिज्ञासाओं को सामने रखा। प्रवक्ता उल्लास नायर ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का सरल, सहज और प्रभावी तरीके से समाधान किया तथा उन्हें अपने लक्ष्य को स्पष्ट रूप से निर्धारित कर उसके अनुरूप निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, विषय चयन और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों के संबंध में भी महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया।

करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम से विद्यार्थियों को अपने भविष्य को लेकर नई दिशा और स्पष्टता प्राप्त हुई। विद्यार्थियों ने कार्यक्रम को उपयोगी बताते हुए कहा कि इस तरह के मार्गदर्शन से उन्हें अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप भविष्य की योजना बनाने में सहायता मिलती है। विद्यालय द्वारा शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसके अंतर्गत सांस्कृतिक, रचनात्मक एवं शैक्षणिक गतिविधियों का नियमित आयोजन किया जाता है।

दोनों कार्यक्रम विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती सुषमा बारस्कर के निर्देशन में आयोजित किए गए। प्राचार्य श्रीमती सुषमा बारस्कर ने राखी बनाओ प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के लिए पढ़ाई के साथ रचनात्मक गतिविधियों और भविष्य निर्माण संबंधी मार्गदर्शन भी बेहद आवश्यक है। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों की प्रतिभा को उचित मंच मिलता है और उनमें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की भावना विकसित होती है।

विद्यालय में आयोजित इन दोनों कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं, रचनात्मक अभिव्यक्ति और भविष्य के लक्ष्य निर्धारण का महत्वपूर्ण संदेश मिला। रक्षाबंधन के अवसर पर हुई राखी बनाओ प्रतियोगिता ने जहां विद्यार्थियों की सृजनात्मक प्रतिभा को सामने लाया, वहीं करियर गाइडेंस कार्यक्रम ने उन्हें अपने भविष्य के प्रति गंभीरता से सोचने और सही दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। विद्यालय परिवार के इस संयुक्त प्रयास की सराहना की गई।

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