कोरबा। कोरबा-चांपा मुख्यमार्ग 149B पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने सड़क किनारे हजारों पौधे लगाए थे। इन पौधों को सड़क चौड़ीकरण के दौरान काटे गए पेड़ों की भरपाई के रूप में लगाया गया था, लेकिन उचित देखभाल नहीं मिलने से अब ये पौधे सूखने लगे हैं। पानी की कमी और रखरखाव के अभाव में कई पौधे नष्ट हो चुके हैं।
सड़क किनारे लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल नहीं हो रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, ठेकेदार की लापरवाही के कारण पौधों को समय पर पानी नहीं मिल रहा है। नतीजतन हजारों पौधे सूखकर खत्म हो चुके हैं।सड़क निर्माण के समय विभाग ने दावा किया था कि काटे गए पेड़ों की जगह बड़ी संख्या में नए पौधे लगाए जाएंगे, लेकिन वर्तमान स्थिति उस दावे से अलग दिखाई दे रही है।

करोड़ों खर्च के बाद भी कम बचे पौधे
पौधरोपण के लिए विभाग ने करोड़ों रुपये खर्च किए थे। इसके बावजूद वर्तमान में बहुत कम पौधे ही जीवित नजर आ रहे हैं। इस स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि बड़ी राशि खर्च करने के बाद भी पौधों की उचित देखभाल नहीं हो रही है, जिस पर NHAI को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
औद्योगिक क्षेत्र में हरियाली की जरूरत
फरसवानी, उच्चभीट्टी, पताडी, उरगा जैसे इलाकों में कई बड़े औद्योगिक संयंत्र स्थापित हैं। इन संयंत्रों से निकलने वाले प्रदूषण के कारण आसपास रहने वाले लोगों को पहले से ही परेशानी होती है। ऐसे में इन क्षेत्रों में हरियाली की कमी पर्यावरण संतुलन के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
सैकड़ों गांवों को जोड़ता है यह मार्ग
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि पौधों की देखरेख इसी तरह होती रही तो आने वाले समय में इस मार्ग पर हरियाली समाप्त हो सकती है। कोरबा-चांपा नेशनल हाईवे से सैकड़ों गांव जुड़े हैं। यह मार्ग उरगा के पास भारतमाला मुख्य मार्ग से भी जुड़ता है, जिससे बिलासपुर, रायपुर सहित कई स्थानों के लिए लोग आवागमन करते हैं।
ऐसे में इस मार्ग पर हरियाली का बने रहना पर्यावरण और स्थानीय लोगों की सेहत के लिए बेहद जरूरी माना जा रहा है।
