DivyaAkash: Your Daily Source for Hindi News

बायोफ्लॉक मछली पालन से शारदा कौशिक को मिला आय का नया सहारा

सीमित जगह और पानी में मछली पालन कर अब लगभग 20 हजार रुपये प्रतिमाह कमा रही हैं शारदा
कोरबा 27 सितंबर 2026। कटघोरा विकासखंड के ग्राम रंजना के तिलवारी पारा निवासी श्रीमती शारदा कौशिक के परिवार की आजीविका पहले मुख्यतः खेती-किसानी पर निर्भर थी। पति अमृतलाल के साथ परिवार चलाते हुए उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। शारदा के अनुसार, पहले उनकी आमदनी लगभग एक हजार रुपये प्रतिमाह तक थी।
आय बढ़ाने का रास्ता तलाशते हुए शारदा ने मत्स्य विभाग से संपर्क किया। विभाग के माध्यम से उन्हें बायोफ्लॉक तकनीक की जानकारी मिली, जिसमें सीमित जगह और पानी में भी मछली पालन किया जा सकता है। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2024-25 में बायोफ्लॉक तालाब का निर्माण कराया। शारदा के अनुसार, इस कार्य पर लगभग 14 लाख रुपये खर्च हुए। योजना के तहत तालाब निर्माण और जनरेटर सहित आवश्यक सहयोग भी मिला।
शारदा अब तालाब में उत्पादित मछलियों को बाजार में बेचती हैं। उनका कहना है कि मछली पालन से उन्हें लगभग 20 हजार रुपये प्रतिमाह आमदनी हो रही है। इस नए काम ने परिवार को खेती के अतिरिक्त आय का सहारा दिया है और घर के खर्च पूरे करने में मदद की है।
शारदा बताती हैं कि पहले केवल खेती-किसानी की आमदनी से परिवार चलाना कठिन था। मत्स्य विभाग से मिली जानकारी ने उन्हें मछली पालन की आधुनिक तकनीक अपनाने का अवसर दिया। अपनी आर्थिक स्थिति में आए बदलाव से खुश शारदा ने योजना के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है।

Exit mobile version