शिक्षकों को शाल एवं उपहार भेंट कर किया सम्मान, विद्यार्थियों ने खेलों और कार्यक्रमों के माध्यम से जताया आभार
कोरबा। सरस्वती शिशु मंदिर, एच.टी.पी.पी. दर्री, कोरबा में शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन हर्षोल्लास, उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के जीवन को दिशा देने वाले शिक्षकों के प्रति सम्मान, प्रेम और कृतज्ञता व्यक्त करना तथा शिक्षा के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करना रहा।

शिक्षकों के समर्पण को किया नमन, शाल एवं उपहार भेंट कर हुआ सम्मान
शिक्षक सम्मान समारोह की अध्यक्षता हसदेव शिक्षण समिति के अध्यक्ष धनंजय सिंह ने की। कार्यक्रम में व्यवस्थापक भीष्म देव सिंह, संस्थान प्रतिनिधि नरेश जायसवाल, अर्जुन लाल पटेल एवं पूर्व छात्र आशीष अग्रवाल की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।
समारोह के दौरान विद्यालय के सभी शिक्षकों का शाल एवं अन्य उपहार भेंट कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर अतिथियों ने शिक्षकों के समर्पण, परिश्रम और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और जीवन को सही दिशा देने में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
कार्यक्रम के अंत में श्रवण कुमार गुप्ता ने आभार प्रदर्शन किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं अन्य जनों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
भैया-बहनों ने भी गुरुजनों के प्रति जताई कृतज्ञता, मनोरंजक खेलों से बढ़ा उत्साह
शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यालय के भैया-बहनों द्वारा भी अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम हर्षोल्लास एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों के प्रति आदर और प्रेम व्यक्त करते हुए आयोजन को यादगार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में शिशु भारती एवं कन्या भारती के अध्यक्ष भैया अभिषेक भारिया तथा द्वादश एवं एकादश कक्षा के भैया-बहनों की प्रमुख भूमिका रही। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में सहभागिता की और अपने शिक्षकों के सम्मान में आयोजित विभिन्न गतिविधियों को सफल बनाया।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती सुषमा बारस्कर ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती लक्ष्मी पांडेय एवं श्रवण कुमार गुप्ता उपस्थित रहे। अतिथियों और विद्यालय परिवार की उपस्थिति में कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में आगे बढ़ा।
प्राचार्य ने बताई गुरु की महत्ता, खेलों में शिक्षकों ने भी लिया उत्साह से हिस्सा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती सुषमा बारस्कर ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में शिक्षक के महत्व और विद्यार्थियों के जीवन में गुरु की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षकों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
इसके पश्चात भैया-बहनों द्वारा शिक्षकों के मनोरंजन एवं उत्साहवर्धन के लिए विभिन्न रोचक खेलों का आयोजन किया गया। खेलों में शिक्षकों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विद्यार्थियों द्वारा अपने गुरुजनों के लिए आयोजित इन गतिविधियों ने पूरे कार्यक्रम में आनंद और उत्साह का माहौल बना दिया।
कार्यक्रम का संचालन प्रज्ञा यादव एवं खुशी श्रीवास ने किया। दोनों ने कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाते हुए विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया। अंत में भैया आशीष कंवर द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षकों को स्वल्पाहार एवं उपहार प्रदान किए गए। विद्यार्थियों की ओर से गुरुजनों के सम्मान में आयोजित यह पहल शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच आत्मीयता एवं सम्मान की भावना को और मजबूत करने वाली रही।
सम्मान, प्रेम और कृतज्ञता से यादगार बना शिक्षक दिवस समारोह
सरस्वती शिशु मंदिर, एच.टी.पी.पी. दर्री में आयोजित शिक्षक दिवस समारोह ने गुरु-शिष्य परंपरा के प्रति सम्मान की भावना को प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त किया। एक ओर जहां विद्यालय प्रबंधन की ओर से शिक्षकों को शाल एवं उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया, वहीं दूसरी ओर भैया-बहनों ने अपने शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया।
शिक्षकों के सम्मान, विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता, प्रेरणादायी उद्बोधन और मनोरंजक गतिविधियों ने पूरे आयोजन को विशेष बना दिया। समारोह के दौरान विद्यालय परिवार में सौहार्द, उत्साह और आत्मीयता का वातावरण बना रहा।
इस प्रकार शिक्षक दिवस का यह आयोजन गुरुजनों के प्रति सम्मान, प्रेम और कृतज्ञता की भावना को समर्पित एक सफल एवं आनंदमय कार्यक्रम के रूप में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार की सामूहिक सहभागिता ने आयोजन को गरिमापूर्ण और यादगार बनाया।
