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सरस्वती शिशु मंदिर कुसमुंडा में कृष्ण जन्माष्टमी की धूम, राधा-कृष्ण बनकर सजे नन्हे-मुन्ने

श्रीकृष्ण-राधा साज-सज्जा प्रतियोगिता में बच्चों ने बिखेरी मनमोहक छटा
दही हांडी और मटका फोड़ प्रतियोगिता ने बढ़ाया उत्साह, विद्यालय परिसर में भक्ति और उल्लास का माहौल
विजेता बच्चों को पुरस्कार और सभी प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार से किया गया सम्मानित

कोरबा/कुसमुंडा। सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुसमुंडा में 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हर्षोल्लास और भक्तिमय वातावरण में किया गया। इस दौरान शिशु वाटिका के नन्हे-मुन्ने भैया-बहनों के लिए ‘श्री कृष्ण-राधा सजाओ प्रतियोगिता’ आयोजित की गई, जिसमें बच्चों ने राधा और भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप में सजकर अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से सभी का ध्यान आकर्षित किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ समिति के व्यवस्थापक मनीष मिश्रा, कोषाध्यक्ष रामेश्वर सोनी, पूर्व प्राचार्य श्यामलाल चंद्रा एवं संस्था प्रमुख चिंतामणि कौशिक द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पूजन-अर्चन के साथ किया गया। दीप प्रज्वलन और पूजन के बाद विद्यालय परिसर में आयोजित जन्माष्टमी समारोह में बच्चों, आचार्यों और उपस्थित अतिथियों का उत्साह देखते ही बना।

श्रीकृष्ण-राधा सजाओ प्रतियोगिता में शिशु वाटिका के नन्हे भैया-बहनों ने आकर्षक वेशभूषा में भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के बाल स्वरूप को जीवंत कर दिया। किसी बच्चे ने श्रीकृष्ण का मनमोहक रूप धारण किया तो किसी ने राधा रानी की सुंदर वेशभूषा में सभी का मन मोह लिया। बच्चों की साज-सज्जा, आत्मविश्वास और उत्साह ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया।
जन्माष्टमी समारोह के दौरान प्राथमिक विभाग के भैया-बहनों ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप पर आधारित नृत्य प्रस्तुति दी। ‘मैया यशोदा, यह तेरा कन्हैया’ गीत पर बच्चों ने सुंदर नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों की खूब सराहना बटोरी। नन्हे कलाकारों की प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
इसके साथ ही मिडिल विभाग के भैया-बहनों के लिए अंधा मटका फोड़ प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों का जोश और उत्साह देखते ही बना। वहीं हाई स्कूल के भैया-बहनों की टीम ने पिरामिड बनाकर दही हांडी फोड़ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। इस आयोजन के माध्यम से बच्चों ने टीम भावना, अनुशासन, आपसी सहयोग और एकजुट होकर लक्ष्य प्राप्त करने का संदेश प्रस्तुत किया।
विद्यालय के प्राचार्य एवं संस्था प्रमुख चिंतामणि कौशिक ने कार्यक्रम में उपस्थित भैया-बहनों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का संदेश देते हुए बच्चों को सत्य, कर्म और प्रेम के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन मानव समाज को सत्य, कर्तव्य और प्रेम का संदेश देता है तथा विद्यार्थियों को उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम में निर्णायक मंडल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। निर्णायक मंडल में श्रीमती संगीता वर्मा, सुधा चौबे, भूमोती जंघेला, हेमलता शर्मा, खगेश्वरी चंद्रा, काकोली चौधरी, संगीता दुबे, तनु मुखर्जी, सुष्मिता दीदी, हेमेंद्र साहू, बसंत यादव, अशोक दुबे, उमाशंकर जायसवाल, अनूप सावलकर, कुमार तिवारी, सुरेश सोनी, नरेंद्र पटेल, संतोष कैवर्त, कामता चंद्रा एवं सुधीर सिन्हा उपस्थित रहे।
प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्थान प्राप्त भैया-बहनों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। वहीं प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी सुसज्जित भैया-बहनों को भी सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। पुरस्कार वितरण के दौरान बच्चों के चेहरे पर खुशी और उत्साह देखने को मिला। विद्यालय परिवार की ओर से बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इस प्रकार के आयोजन को महत्वपूर्ण बताया गया।
पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ आचार्य दीपचंद जंघेला ने किया। उनके संचालन में कार्यक्रम क्रमबद्ध एवं उत्साहपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। विद्यालय के आचार्यगण, भैया-बहनों और समिति के पदाधिकारियों की सहभागिता से जन्माष्टमी समारोह यादगार बन गया।

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