रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर स्थित महानदी भवन मंत्रालय में सोमवार को साय कैबिनेट की बैठक हुई। जिसमें कई अहम फैसले लिए गए हैं। कृषक उन्नति योजना के तहत अब धान की बजाय दलहन, तिलहन, मक्का की फसल लगाने वाले किसानों को भी आदान सहायता राशि मिलेगी।
अधिकारी-कर्मचारियों के लिए सेवानिवृत्ति के समय पेंशन भुगतान के बेहतर प्रबंधन के लिए पेंशन फंड बनाने का फैसला लिया गया है। पदोन्नति की न्यूनतम सेवा में छूट मिली है। इसके अलावा, रि-डेवलपमेंट योजना के तहत पुराने और जर्जर सरकारी भवनों और अनुपयोगी जमीन के विकास के लिए 7 योजनाओं को मंजूरी मिली है।

कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और सभी मंत्री शामिल है।
विस्तार से पढ़िए साय कैबिनेट के फैसले…
कृषक उन्नति योजना का दायरा बढ़ा
- अब धान की बजाय दलहन, तिलहन, मक्का की फसल लगाने वाले किसानों को भी आदान सहायता राशि मिलेगी।
छत्तीसगढ़ पेंशन फंड का गठन
- सेवानिवृत्ति के समय पेंशन भुगतान के बेहतर प्रबंधन के लिए पेंशन फंड बनाने का फैसला।
छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड
- राज्य की अर्थव्यवस्था को स्थिर और मजबूत रखने के लिए यह फंड बनेगा।
लॉजिस्टिक पॉलिसी-2025 का अनुमोदन
- छत्तीसगढ़ को लॉजिस्टिक हब बनाने, भंडारण क्षमता बढ़ाने और निर्यात को बढ़ावा देने की योजना।
- ड्राई पोर्ट और कंटेनर डिपो बनाने को प्रोत्साहन मिलेगा।
- युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
जन विश्वास विधेयक-2025
- कुछ कानूनों को गैर-अपराध की श्रेणी में लाने का फैसला।
- अनावश्यक केस कम होंगे और कारोबार करना आसान होगा।
रि-डेवलपमेंट योजना
पुराने और जर्जर सरकारी भवनों और अनुपयोगी जमीन के विकास की 7 योजनाएं मंजूर।
- शांति नगर रायपुर
- बीटीआई शंकर नगर रायपुर
- कैलाश नगर राजनांदगांव
- चांदनी चौक फेस-2 जगदलपुर
- सिविल लाइन कांकेर
- क्लब पारा महासमुंद
- कटघोरा कोरबा
पदोन्नति की न्यूनतम सेवा में छूट
उच्च श्रेणी पंजीयन लिपिक से उप पंजीयक पद पर प्रमोशन के लिए 5 साल की जगह 2 साल की न्यूनतम सेवा तय (केवल एक बार के लिए)।
