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RTE में 44 हजार से घटकर 19,466 हुईं सीटें:24 हजार सीटें कम होने पर कांग्रेस ने कहा-गरीब बच्चों से छीना शिक्षा का अधिकार

रायपुर,एजेंसी। आरटीई के तहत इस साल सीटों में बड़ी कटौती को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि भर्ती नियम बदलकर गरीब बच्चों के शिक्षा के अधिकार पर चोट की गई है।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि पहले आरटीई के तहत निजी स्कूलों में नर्सरी, पीपी-वन, पीपी-टू से लेकर कक्षा पहली तक प्रवेश दिया जाता था। अब नियम बदलकर सीधे क्लास-1 में ही भर्ती अनिवार्य कर दी गई है।

कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर

कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर

उनके मुताबिक पिछले वर्ष 44,173 सीटों पर प्रवेश हुआ था, जबकि इस बार सिर्फ 19,466 सीटों पर ही एडमिशन होगा। यानी 24 हजार से ज्यादा सीटें खत्म कर दी गईं। कांग्रेस का दावा है कि इससे गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्हें बच्चों को नर्सरी और पीपी-वन में निजी स्कूलों में दाखिला दिलाने के लिए मोटी फीस चुकानी होगी, ताकि बाद में उसी स्कूल में आरटीई के तहत प्रवेश मिल सके।

कांग्रेस ने कहा कि शिक्षा का अधिकार कानून बनाते समय स्पष्ट प्रावधान किया गया था कि निजी स्कूलों में नर्सरी से क्लास-1 तक प्रवेश मिलेगा। भाजपा सरकार ने 2014 में लागू अपने ही पूर्व फैसले को बदल दिया है।

धनंजय सिंह ठाकुर ने सवाल उठाया कि जब सरकारी स्कूलों की हालत खराब है, तब गरीब बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा कैसे मिलेगी? उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम योजना को भी बंद कर दिया गया, जबकि कई स्कूलों में शिक्षकों को वेतन तक नहीं मिल रहा है।

कांग्रेस ने मांग की है कि आरटीई के तहत नर्सरी, पीपी-वन और पीपी-टू से प्रवेश की पुरानी व्यवस्था बहाल की जाए, ताकि गरीब बच्चों का शिक्षा का अधिकार सुरक्षित रह सके।

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