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SECL प्रभावित नराईबोध के ग्रामीणों का 4 घंटे खदानबंदी, पुनर्वास और रोजगार पर 18 दिसंबर को त्रिपक्षीय वार्ता पर सहमति के बाद आंदोलन समाप्त

कोरबा/​गेवरा । साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की खदानों से प्रभावित ग्राम नराईबोध के ग्रामीणों ने आज सुबह 9:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक यानी लगभग 4 घंटे नराईबोध और भठोरा फेस को पूरी तरह से बंद कर दिया, यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से पुनर्वास से जुड़ी बसाहट रोजगार उचित मुआवजा और वैकल्पिक रोजगार जैसी ज्वलंत समस्याओं को लेकर किया गया था ।

विरोध का कारण लंबित मांगें और निराशा

​ग्रामीणों का कहना है कि SECL परियोजना के कारण उनकी पैतृक भूमि और आजीविका प्रभावित हुई है, लेकिन प्रबंधन द्वारा पुनर्वास मुआवजा और प्रभावित परिवारों को रोजगार देने के वादे लंबे समय से पूरे नहीं किए जा रहे हैं। अपनी मांगों की अनदेखी से निराश होकर ग्रामीणों ने शांतिपूर्ण तरीके से खदानों के संचालन को रोककर अपना विरोध दर्ज कराया खदान बंदी के कारण कोयला उत्पादन और परिवहन पूरी तरह ठप रहा ।

​प्रबंधन का हस्तक्षेप और त्रिपक्षीय वार्ता का आश्वासन

​आंदोलन की गंभीरता और ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए SECL प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने ग्रामीणों से लंबी चर्चा की और उनकी मांगों के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया ।

​प्रमुख सहमति बिंदु

​SECL प्रबंधन ने ग्रामीणों की समस्याओं पर विचार करने के लिए 18 दिसंबर 2025 गुरुवार को एक त्रिपक्षीय वार्ता (Tripartite Meeting) आयोजित करने का ठोस आश्वासन दिया है। ​इस वार्ता में SECL प्रबंधन प्रभावित ग्रामीण प्रतिनिधि और जिला प्रशासन के अधिकारियों के शामिल होने की संभावना है ।

​वार्ता का मुख्य केंद्र

पुनर्वास की बकाया बसाहट उचित मुआवजा वितरण और प्रभावितों के लिए स्थायी/वैकल्पिक रोजगार के अवसरों पर होगा ।

​आंदोलन समाप्त

​SECL प्रबंधन से ठोस आश्वासन और आगामी त्रिपक्षीय वार्ता की तारीख मिलने के बाद ग्रामीणों ने दोपहर 2:00 बजे अपना आंदोलन समाप्त कर दिया और खदानों का संचालन फिर से शुरू हो सका ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि 18 दिसंबर की बैठक में उनकी वर्षों पुरानी समस्याओं का स्थायी और संतोषजनक समाधान निकलेगा ।

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