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मोरगा में NH-130 पर 24 घंटे में दूसरा हादसा:पहले से क्षतिग्रस्त ट्रेलर से फिर भिड़ा दूसरा ट्रेलर, हाईवे पर दोबारा लगा जाम,चार वाहन क्षतिग्रस्त

कोरबा। कोरबा जिले के मोरगा चौकी क्षेत्र में नेशनल हाईवे-130 पर लगातार दूसरे दिन सड़क हादसा हो गया। सोमवार रात दुर्घटना में क्षतिग्रस्त होकर सड़क पर खड़े ट्रेलर से मंगलवार (22 सितम्बर) को एक और ट्रेलर टकरा गया।

24 घंटे के भीतर यह हाईवे पर दूसरी दुर्घटना है। हादसे के बाद एक बार फिर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात प्रभावित हुआ।

घाट सेक्शन में निगरानी बढ़ाने की मांग

घाट सेक्शन में निगरानी बढ़ाने की मांग

पहले हादसे के बाद सड़क पर खड़ा था क्षतिग्रस्त ट्रेलर

जानकारी के अनुसार, सोमवार रात सड़क पर खड़े सरिया लोड ट्रेलर से एक अन्य ट्रेलर टकराया था। इसके कुछ देर बाद एक तीसरा वाहन भी क्षतिग्रस्त ट्रेलर से जा भिड़ा था। इस तरह तीन वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुए थे और एक चालक घायल हुआ था। हादसे के बाद नेशनल हाईवे पर लंबा जाम लग गया था। कई घंटे की मशक्कत के बाद वाहनों को हटाकर यातायात बहाल किया गया था।

मंगलवार को फिर उसी ट्रेलर से टकराया वाहन

मंगलवार को पहले हादसे में क्षतिग्रस्त होकर सड़क पर खड़े ट्रेलर से एक और ट्रेलर टकरा गया। इसके बाद हाईवे पर फिर जाम की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही मोरगा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क के किनारे कराया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।

घाट सेक्शन में न्यूट्रल में वाहन चलाने का आरोप

स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि हाईवे पर लगातार हो रहे हादसों की एक वजह ट्रेलर चालकों की लापरवाही है। उनका आरोप है कि घाट सेक्शन में कुछ चालक डीजल बचाने के लिए वाहन को न्यूट्रल में चलाते हैं। इससे ढलान पर वाहन की गति नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है और ब्रेक फेल होने जैसी स्थिति में हादसे का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, इस हादसे के वास्तविक कारण की पुलिस जांच कर रही है।

स्पीड कैमरे और ऑनलाइन चालान की मांग

स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने हादसों पर रोक लगाने के लिए घाट के शुरुआत और अंत में स्पीड ट्रैकर कैमरे लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि ऑनलाइन चालान की व्यवस्था से तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने वाले ट्रेलर चालकों तथा मालिकों पर नियंत्रण किया जा सकता है।

लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ाने की मांग भी उठ रही है। पुलिस ने घायल चालकों को इलाज के लिए भेजा है और मामले की जांच कर रही है।

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