माँ ब्रह्मचारिणी देवी स्वरूपा माँ श्री सर्वमंगला देवी की पूजा करने परिसर में लम्बी लाईन

कोरबा। आज नवरात्रि के दूसरे दिन सोमवार को कोरबा के आस्था का केन्द्र माँ सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा कोरबा में माँ ब्रह्मचारिणी स्वरूपा माँ सर्वमंगला देवी की पूजा करने परिसर में आस्था का सैलाब देखने को मिला।
अलसुबह जब माँ के दरबार का कपाट खुला, सबसे पहले आदिशक्ति माँ ब्रह्मचारिणी स्वरूपा श्री सर्वमंगला देवी का पुजारियों ने महाश्रृंगार किया और उसके बाद आम लोगों के दर्शन एवं पूजन के लिए कपाट खुला। महाश्रृंगार के बाद माता का दिव्य रूप देखकर श्रद्धालुओं के मन में असीम शांति का अनुभव हुआ। नयनाभिराम माँ ब्रह्मचारिणी स्वरूपा माँ श्री सर्वमंगला देवी की पूजा में डूबा कोरबा अलसुबह से समाचार लिखे जाने तक परिसर में अगाध श्रद्धा का दृश्य देखने को मिला।
मनोकामना ज्योति कलशों की लालिमा से सौंदर्य बढ़ा
माँ सर्वमंगला देवी मंदिर परिसर में कलश कक्षों में स्थापित 12000 मनोकामना ज्योति कलशों की लालिमा से परिसर का सौंदर्य देखते ही बन रहा है।
परिसर की लाईंटिंग से सजा मनमोह रहा
मंदिर प्रबंधन द्वारा नवरात्रि से पूर्व मंदिर सहित परिसर का रंग-रोगन के साथ परिसर में मनोहारी लाईटिंग की सजावट भी की गई है, जिससे परिसर का सौंदर्य निखर आया है और यहां दर्शन करने पहुंच रहे श्रद्धालुओं का मन आनंदित भी हो रहा है।
माँ ब्रह्मचारिणी देवी की पूजा से मिलता है मोक्ष-नमन पाण्डेय
आज नवरात्रि के दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी देवी स्वरूपा की पूजा अर्चना की गई। प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय ने बताया कि माँ ब्रह्मचारिणी मोक्षदायनी है और इनकी पूजा करने से जीवन के संकट का हरण होता है और घर में सुख-शांति का वास होता है।
आज माँ को अर्पित छप्पन भोग में मिश्री और फल को भी शामिल किया गया, क्योंकि माँ ब्रह्मचारिणी देवी को भोग में मिश्री और फल अतिप्रिय हैं।
जसगीत, शंख, घंटे की नाद से परिसर हुआ भक्तिमय
वैसे तो माँ सर्वमंगला देवी का परिसर स्वर्ग से कम नहीं। यहां कभी भी दर्शन करने जाओ, तो लगता है स्वर्ग में सैर कर रहे हैं, लेकिन नवरात्रि में यहां का माहौल कुछ अलग सा ही मन में पवित्रता और आध्यात्मिकता का जागरण करता है। 09 दिन तक टीम द्वारा जसगीत से यहां उपस्थित लोगों में भक्ति का भाव जगाया जा रहा है, वहीं शंख एवं घंटे की नाद से परिसर भक्तिमय हो गया है।
