इंफाल,एजेंसी। मणिपुर के जिरिबाम जिले में सोमवार को CRPF जवानों ने एनकाउंटर में 10 कुकी उग्रवादियों को मार गिराया। घटना दोपहर 2.30 बजे बोरोबेकेरा के जकुराडोर करोंग इलाके की है।
यहां के पुलिस स्टेशन और CRPF चौकी पर इन उग्रवादियों ने हमला किया था। जवाबी कार्रवाई के दौरान CRPF का एक जवान घायल हुआ, उसका असम के सिलचर में इलाज जारी है। ये इलाका असम सीमा से लगा हुआ है।
पुलिस स्टेशन के नजदीक ही मणिपुर हिंसा में विस्थापित लोगों के लिए एक राहत शिविर है। यहां रह रहे लोग कुकी उग्रवादियों के निशाने पर हैं। शिविर पर पहले भी हमले हो चुके हैं। एहतियातन इस इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई और अगले आदेश तक कर्फ्यू लगाया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक उग्रवादी सैनिकों जैसी वर्दी पहने थे। इनके पास से 3 AK राइफल, 4 SLR , 2 इंसास राइफल, एक RPG, 1 पंप एक्शन गन, बीपी हेलमेट और मैगजीन बरामद हुई हैं।
मुठभेड़ की 2 तस्वीरें…
मुठभेड़ के बाद उग्रवादियों के शव एक जगह रखे गए।
ये इलाका असम सीमा से लगा है, यहां पर मणिपुर हिंसा के विस्थापितों के शिविर हैं।
5 लोगों की किडनैपिंग की आशंका, इंफाल में किसान की हत्या
- सूत्रों ने बताया कि पुलिस स्टेशन पर हमला करने के बाद उग्रवादी पुलिस स्टेशन से एक किलोमीटर दूर जकुराडोर करोंग में एक छोटी सी बस्ती की ओर भागे और घरों में आग लगानी शुरू कर दी। इस दौरान वे सुरक्षाबलों पर गोलियां बरसाते रहे। इस दौरान 5 लोगों के लापता होने की खबर है। दावा है कि उग्रवादियों ने इन्हें अगवा कर लिया है।
- सोमवार को ही मणिपुर के याइंगंगपोकपी शांतिखोंगबन इलाके में खेतों में काम कर रहे एक किसान पर उग्रवादियों ने पहाड़ी से गोलीबारी की। इसके कारण एक किसान की मौत हो गई। इसके अलावा कई किसानों को चोटें आईं। पुलिस ने बताया कि इस इलाके में उग्रवादी लगातार तीन दिन से पहाड़ी से निचले इलाकों में फायरिंग कर रहे हैं। खेतों में काम कर रहे किसानों को निशाना बनाया जा रहा है, क्योंकि यहां धान की फसल की कटाई चल रही है। हमलों के कारण किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं।
इंफाल में 3 दिन में भारी गोला-बारूद जब्त असम राइफल्स ने सोमवार को बताया कि बीते 3 दिनों में मणिपुर के पहाड़ी और घाटी जिलों में तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने कई हथियार, गोला-बारूद और IED जब्त किए हैं।
9 नवंबर को असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस की जॉइंट टीम ने चुराचांदपुर जिले के एल खोनोम्फई गांव के जंगलों से एक.303 राइफल, दो 9 एमएम पिस्टल, छह 12 सिंगल बैरल राइफल, एक.22 राइफल, गोला-बारूद और सामान जब्त किया था।
इसके अलावा एस चौंगौबंग और कांगपोकपी जिले के माओहिंग में एक 5.56 मिमी इंसास राइफल, एक प्वाइंट 303 राइफल, 2 एसबीबीएल बंदूकें, दो 0.22 पिस्तौल, दो इंप्रोवाइज्ड प्रोजेक्टाइल लांचर, ग्रेनेड, गोला-बारूद जब्त किए गए थे।
10 नवंबर असम राइफल्स, मणिपुर पुलिस और बीएसएफ की जॉइंट टीम ने काकचिंग जिले के उतांगपोकपी के एरिया में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया था। इसमें एक 0.22 राइफल, गोला-बारूद और सामान शामिल था।
9 नवंबर: बिष्णुपुर जिले के सैटन में उग्रवादियों ने महिला की हत्या की थी।
9-10 नवंबर: महिला की हत्या, पहाड़ी से गोलीबारी इंफाल पूर्वी जिले के सनसाबी, सबुंगखोक खुनौ और थमनापोकपी इलाकों में 10 नवंबर को गोलीबारी की घटना हुई थी। 9 नवंबर को बिष्णुपुर जिले के सैटन में उग्रवादियों ने 34 साल की महिला की हत्या कर दी थी। घटना के वक्त महिला खेत में काम कर रही थी। उग्रवादियों ने पहाड़ी से निचले इलाकों में गोलीबारी की थी।
8 नवंबर: उग्रवादियों ने फूंक डाले 6 घर, 1 महिला की मौत 8 नवंबर को जिरीबाम जिले के जैरावन गांव में हथियारबंद उग्रवादियों ने 6 घर जला दिए थे। ग्रामीणों का आरोप था कि हमलावरों ने फायरिंग भी की थी। घटना में एक महिला की मौत हुई थी। मृतक महिला की पहचान जोसंगकिम हमार (31) के रूप में हुई थी। उसके 3 बच्चे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि हमलावर मैतेई समुदाय के थे। घटना के बाद कई लोग घर से भाग गए।
7 नवंबर को बलात्कार के बाद महिला को जिंदा जलाया 7 नवंबर को हमार जनजाति की एक महिला को संदिग्ध उग्रवादियों ने मार डाला था। उन्होंने जिरीबाम में घरों को भी आग लगा दी। पुलिस केस में उसके पति ने आरोप लगाया कि उसे जिंदा जलाने से पहले उसके साथ बलात्कार किया गया था। एक दिन बाद, मैतेई समुदाय की एक महिला की संदिग्ध कुकी विद्रोहियों ने गोली मार दी थी।
