मुंबई (एजेंसी)। शेयर बाजार में आज यानी सोमवार 7 अप्रैल को साल की दूसरी बड़ी गिरावट आई। सेंसेक्स 2226 अंक (2.95%) गिरकर 73,137 के स्तर पर बंद हुआ।
निफ्टी में 742 अंक (3.24%) की गिरावट रही, ये 22,161 के स्तर पर बंद हुआ। इससे पहले 4 जून 2024 को बाजार 5.74% गिरा था।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 29 में गिरावट रही। टाटा स्टील, टाटा मोटर्स और लार्सन एंड टुब्रो के शेयर में 7% तक गिरावट रही। जोमैटो का शेयर 0.17% ऊपर बंद हुआ।
NSE के सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी मेटल सबसे ज्यादा 6.75% गिरा। रियल्टी में 5.69% गिरावट रही। ऑटो, फार्मा, सरकारी बैंक, ऑयल एंड गैस और आईटी सेक्टर 4% नीचे बंद हुए।
2 अप्रैल से अब तक कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के दाम 12.11% घट चुके हैं। वहीं आज ब्रेंट क्रूड 4% टूटकर 64 डॉलर के नीचे फिसल चुका है। ये बीते 4 साल का निचला स्तर है।
बाजार में गिरावट की 3 वजह
- ट्रम्प का रेसिप्रोकल टैरिफ: अमेरिका ने भारत पर 26% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। भारत के अलावा चीन पर 34%, यूरोपीय यूनियन पर 20%, साउथ कोरिया पर 25%, जापान पर 24%, वियतनाम पर 46% और ताइवान पर 32% टैरिफ लगेगा।
- चीन ने जवाबी 34% टैरिफ लगाया: चीन ने शुक्रवार को अमेरिका पर 34% जवाबी टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। नया टैरिफ 10 अप्रैल से लागू होगा। 3 अप्रैल को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने दुनियाभर में जैसे को तैसा टैरिफ लगाया था। इसमें चीन पर 34% अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया था। अब चीन ने उतना ही टैरिफ अमेरिका पर लगा दिया है।
- इकोनॉमिक स्लोडाउन की चिंता: टैरिफ से सामान महंगा होने पर लोग कम खरीदारी करेंगे, जिससे अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी हो सकती है। साथ ही, मांग कम होने से कच्चे तेल की कीमतें भी गिरी हैं। ये कमजोर इकोनॉमिक एक्टिविटी का संकेत है। इससे निवेशकों का भरोसा डगमगाया है।
- स्मॉलकैप इंडेक्स में 6% से ज्यादा की गिरावट
- बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी BSE का मिडकैप इंडेक्स 1,850 पॉइंट या 4.60% की गिरावट के साथ 38,630 के स्तर पर आ गया है। वहीं स्मॉलकैप इंडेक्स 42,999.82 2,860 पॉइंट या 6.20% नीचे कारोबार कर रहा है।
- निवेशकों की वेल्थ 15 लाख करोड़ रुपए घटी
- शेयर बाजार में बिकवाली से निवेशकों की वेल्थ करीब 15 लाख करोड़ रुपए घट गई है। शुक्रवार, 4 अप्रैल को BSE पर लिस्टेड कंपनियों का ओवरऑल मार्केट कैप 404 लाख करोड़ रुपए था जो आज सोमवार बाजार बंद होने के बाद लगभग 389 लाख करोड़ रुपए रह गया है।
- हॉन्गकॉन्ग का हैंग-सेंग 13% टूटा, चीनी इंडेक्स भी 7% गिरा
- एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई 7.83% (2,644 अंक) गिरकर 31,136 पर बंद हुआ।
- कोरिया के कोस्पी इंडेक्स में 5.57% (137 अंक) की गिरावट रही, ये 2,328 पर बंद हुआ।
- चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 7.34% (245) अंक गिरकर 3,096 के स्तर पर बंद हुआ।
- हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 13.22% (3,021) नीचे 19,828 के स्तर पर बंद हुआ।
- 3 अप्रैल को अमेरिका का डाउ जोन्स 3.98% गिरकर 40,545 पर बंद हुआ।
- S&P 500 इंडेक्स में 4.84% की गिरावट रही। नैस्डेक कंपोजिट 5.97% गिरा।
- फाइनेंशियल कॉमेंटेटर जिम क्रैमर ने 1987 जैसे ‘ब्लैक मंडे’ आने की भविष्यवाणी की थी।
- क्रैमर ने कहा- अमेरिकी बाजार आज 22% तक गिर सकता है।
- गिफ्ट निफ्टी करीब 800 पॉइंट की गिरावट से रिकवर होकर 22,305 पर फ्लैट बंद हुआ।
- 4 अप्रैल को 930 अंक गिरकर बंद हुआ था बाजार
- सेंसेक्स 4 अप्रैल को 930 अंक (1.22%) की गिरावट के साथ 75,364 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में 345 अंक (1.49%) की गिरावट रही, ये 22,904 के स्तर पर बंद हुआ।
- NSE सेक्टोरल इंडाइसेज में निफ्टी मेटल इंडेक्स करीब 6.56% टूटा। फार्मा, रियल्टी और IT इंडेक्स में करीब 4% की गिरावट रही। ऑटो, मीडिया इंडेक्स में करीब 3% की गिरावट रही।
