दुर्ग में स्कूलों का समय बदला, अगले 3 दिनों में कमजोर पड़ेगी शीतलहर, राहत की उम्मीद
रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में अगले 3 दिनों में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं प्रदेश में शीत लहर की स्थिति कमजोर पड़ने की संभावना जताई गई है। हालांकि, प्रदेश के उत्तर और मध्य क्षेत्र में कड़ाके की ठंड जारी है।
इसके अलावा मौसम में विशेष बदलाव की संभावना नहीं है। दिसंबर में ठंड बढ़ने से स्किन से संबंधित समस्या बढ़ी हैं। इसी बीच ठंड के कारण दुर्ग जिले में स्कूल के टाइम में बदलाव किया गया है। प्राइमरी स्कूल में पहली पाली की क्लासेज सुबह 8 बजे से शुरू होंगी। वहीं, हायर सेकेंडरी की दूसरी पाली की क्लास दोपहर 12 बजे लगेंगी। नई टाइमिंग तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
यह 15 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगी। वहीं मेकाहारा में हर दिन औसतन 300-350 मरीज पहुंच रहे हैं। ज्यादातर को ड्राई स्किन, एक्जिमा और सोरायसिस की शिकायत है। डर्मेटोलॉजी डिपार्टमेंट के HOD डॉक्टर मृत्युंजय सिंह ने बताया- ठंड में ये आम है, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया तो खतरा बढ़ सकता है।
दरअसल, पिछले कुछ दिनों में ठंड बढ़ी है। 7 शहरों में तापमान 10°C से नीचे पहुंच गया है, जिनमें मैनपाट, अंबिकापुर, पेंड्रा और जगदलपुर, बिलासपुर, दुर्ग और राजनांदगांव शामिल हैं। मैनपाट में रात का पारा 4°C से नीचे चला गया और वहां ओस की बूंदें जमकर बर्फ में बदल गई।
अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 5.3°C, पेंड्रा में 8.6°C और जगदलपुर में 8.2°C, दुर्ग में 8.2 डिग्री और राजनांदगांव में 9.5 डिग्री दर्ज किया गया था। पिछले 24 घंटे की बात करें तो सबसे अधिक तापमान 29.6°C दुर्ग में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 5.7°C अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया।
3 दिन पहले अंबिकापुर में खुले में सोए एक व्यक्ति की ठंड से मौत भी हो गई थी। मौसम विभाग ने आज भी कई शहरों में शीतलहर चलने का अलर्ट जारी किया है।
मौसम से जुड़ी तस्वीरें…
कोरबा में भी शीतलहर जारी है। सुबह कोहरा छाया हुआ था।
मैनपाट में पैरावट में ओस की बूंदें जमकर बर्फ बन गई।
सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। 2 दिन पहले अंबिकापुर-बनारस मार्ग पर घना कोहरा था।
GPM जिले में मध्यप्रदेश बॉर्डर से सटे धर्मपानी की पहाड़ी का नजारा।
पेंड्रा में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं।
