नई दिल्ली,एजेंसी। लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना अफसोसजनक, क्योंकि स्पीकर किसी एक दल के नहीं है, वे सभी के हैं।
उन्होंने कहा कि स्पीकर को नियमों के उल्लघंन पर रोकने और टोकने का अधिकार है। ये सदन मेला नहीं है, जो नियम से नहीं चलेंगे,उनका माइक बंद होगा।
शाह ने कहा, शिष्टाचार यह है कि लोकसभा नियमों के अनुसार चले। अब कोई खड़ा होकर कुछ भी बोलेगा, तो स्पीकर को उसे बैठाना पड़ेगा। मैं स्पीकर के अविश्वास प्रस्ताव पर आज बोल रहा हूं, तो माओवाद पर लेक्चर नहीं दे सकता। बोलूंगा तो स्पीकर मुझे भी बैठा देंगे।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा, अरे भाई यहां नियमों से बोलना पड़ता है, यहां इतने वरिष्ठ सदस्य बैठे हैं, मुझे तो अभी भी नहीं मालूम पड़ता कि शशि थरूर, बालू साहब बैठे हैं, क्यों नहीं सिखाते उन्हें। इतना सीखा दें तो समस्या का वहीं समाधान हो जाए। वे कहते हैं, हमें बोलने नहीं देते हैं।

इससे पहले रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी और विपक्ष पर कई आरोप लगाए। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि हम जब भी बोलने को होते हैं हमे रोका-टोका जाता है। उन्होंने कहा कि यह चर्चा लोकतंत्र और स्पीकर की भूमिका पर है। कई मौकों पर मेरा नाम लिया गया। हर समय हमें बोलने से रोका गया।
राहुल ने कहा कि आखिरी बार बोलते हुए मैंने प्रधानमंत्री की ओर से कॉम्प्रोमाइज का मुद्दा उठाया था। सदन देश का प्रतिनिधित्व करता है। पहली बार विपक्ष के नेता को नहीं बोलने दिया गया। पीएम कॉम्प्रोमाइज्ड हैं।
राहुल के इतना बोलने पर रविशंकर प्रसाद ने कहा- नेवर…नेवर। पीएम मोदी का भारत कभी कॉम्प्रोमाइज्ड नहीं होगा। इनको बेसिक समझदारी भी नहीं है। स्पीकर ने कई बार चेयर घेरी गई, कागज फेंके गए, लेकिन वह मुस्कराते रहे।
लोकसभा की कार्यवाही के दौरान विपक्ष ने चेयर को घेरकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
अविश्वास प्रस्ताव पर मंगलवार से चर्चा जारी
स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर मंगलवार को करीब 7 घंटे बहस हो चुकी है। विपक्षी सांसद ओम बिरला पर सदन की कार्यवाही में पक्षपात का आरोप लगाते हुए अविश्वास प्रस्ताव लाए थे। 50 से अधिक सांसदों के प्रस्ताव के समर्थन में वोट करने के बाद पीठासीन अधिकारी ने इसे सदन में पेश करने और चर्चा की मंजूरी दी थी।
बहस की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि बजट सत्र के दौरान 20 बार नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को रोका-टोका गया। उन्हें बार बार रूलिंग बुक दिखाई गई। विपक्ष ने कहा कि स्पीकर सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं।
वहीं संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि ओम बिरला पर लगे आरोप झूठे हैं। वे निष्पक्षता से सदन की कार्यवाही चलाते हैं। 15वीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष केवल 2 बार बोले। जब सेशन चलता है, तो विदेश चले जाते हैं। नेता प्रतिपक्ष अपनी बात बोल के सदन से भाग जाते हैं। किसी और की बात नहीं सुनते हैं। फिर कहते हैं कि मुझे बोलने नहीं दिया जाता है।
