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शाह बोले- जो हथियार उठाएगा, उसे कीमत चुकानी होगी:वामपंथियों ने भोले-भाले आदिवासियों को अंधेरे में रखा, अब बस्तर से लाल आतंक लगभग खत्म

नई दिल्ली,एजेंसी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में ‘नक्सल मुक्त भारत’ मुद्दे पर चर्चा के दौरान सरकार की तरफ से जवाब दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सालों से भोले-भाले आदिवासियों को अंधेरे में रखा गया।

शाह ने कहा- मैं कांग्रेस से पूछना चाहता हूं कि आजादी के बाद 75 साल में 60 साल तो आपने राज किया। फिर आदिवासी विकास से क्यों बच गए। आपने 60 साल के दौरान आदिवासियों तक घर, स्कूल, मोबाइल टॉवर नहीं पहुंचने दिया और अब हिसाब मांग रहे हो। अपने गिरेबान में झांककर देखिए।

शाह ने कहा- 1970 से 2026 तक चले नक्सलवाद के घटनाक्रम की आज संसद में चर्चा हो रही है। जो लोग नक्सलवाद की वकालात करते हैं, उनसे पूछना चाहता हूं ये सब 1970 से अब तक क्यों नहीं हुआ था।

संसद में आज नक्सलवाद पर चर्चा सरकार की तरफ से दी गई डेडलाइन खत्म होने से एक दिन पहले हो रही है। शाह कई बार 31 मार्च, 2026 तक देश से नक्सलवाद पूरी तरह से खत्म करने की घोषणा कर चुके हैं।

शाह ने कहा- आदिवासियों के जरिए सत्ता हासिल करना नक्सल विचारधारा का मकसद

शाह ने कहा- ये जो बड़ी घटना देश में आकार लेने जा रही है उसका श्रेय CAPF खासकर कोबरा, CRPF के जवान और छत्तीसगढ़ पुलिस और वहां के स्थानीय आदिवासी बाशिंदों को जाता है। यहां पर वामपंथी उग्रवाद समाप्ता होने जा रहा है। इसमें वहां की जनता का भी बहुत बड़ा हाथ है। जो हजारों युवा मारे गए, जो जवान शहीद हो गए उन्हें श्रद्धांजलि देता हूं।

गृह मंत्री ने कहा- नक्सलियों की विचारधारा का विकास से कोई लेना-देना नहीं है। जब हम आजाद हुए हमने कहा ‘सत्यमेव जयते’। सत्य की हमेशा विजय हो। इनका ध्रुव वाक्य है- सत्ता बंदूक की नली से निकलती है। यहां सत्ता शब्द का संबंध अपनी विचारधारा की विजय के लिए है। विचारधारा को आदिवासियों में फैलाकर सत्ता हासिल करने के लिए है। यहां विकास की कोई बात नहीं है।

गृह मंत्री बोले- 12 साल में देश के मूल्यों से न जुड़ी हुई पॉलिसी को दरकिनार किया

गृह मंत्री ने कहा- 2014 में बदलाव हुआ। धारा 370 हटी, 35A हटा, राम मंदिर बना, CAA का कानून आ गया है, विधायी मंडलों में महिलाओं को 33% आरक्षण मिल गया है। ये सारे काम नरेंद्र मोदी के 12 साल के कार्यकाल में हुए।

शाह ने कहा- पिछले 12 साल में देश को गरीबी से मुक्ति दिलाने के लिए, युवाओं के लिए नई शिक्षा पद्धति लाने के लिए, आंतरिक-बाहरी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए, देश के मूल्यों से न जुड़ी हुई पॉलिसी को दरकिनार करने के लिए बहुत कुछ हुआ।

गृह मंत्री ने कहा- अगर कोई पॉलिटिकल साइंस का छात्र इसकी रेटिंग करेगा कि सारी चीजों से सबसे ज्यादा फायदा किस फैसले से हुआ है तो वो छात्र नक्सलमुक्त भारत को पहले नंबर पर रखेगा।

शाह बोले- नक्सलवाद का मूल कारण विकास नहीं, एक विचारधारा है

शाह ने कहा- सरकार ने ढेर सारी योजनाएं बनाईं लेकिन आपने (कांग्रेस) उन्हें इम्प्लीमेंट नहीं करने दिया। 12 राज्यों में रेड कॉरिडोर था। वहां कानून का शासन नहीं था। 12 करोड़ लोग गरीबी में जी रहे थे। किसी ने चिंता नहीं की। हजारों युवाओं की मौत हुई। एक NGO के मुताबिक, 20 हजार युवा मारे गए। लोग दिव्यांग हो गए। उन तक विकास नहीं पहुंचा।

शाह ने कहा- इन सबके लिए कौन जिम्मेदार है। नक्सलवाद का मूल कारण विकास की डिमांड नहीं, एक विचारधारा है। राष्ट्रपति पद का चुनाव जीतने के लिए 1970 से इंदिरा गांधी ने स्वीकार कर लिया कि वामपंथी विचारधारा के कारण नक्सलवाद फैला। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने स्वीकारा था कि जम्मू-कश्मीर और नॉर्थ ईस्ट की तुलना में देश की आंतरिक सुरक्षा में सबसे बड़ी समस्या माओवादी है।

शाह बोले- आदिवासियों को 60 साल तक घर-स्कूल और मोबाइल टॉवर क्यों नहीं मिला

अमित शाह ने कहा- मैं कांग्रेस से पूछना चाहता हूं कि 75 साल में 60 साल तो राज आपने किया तो आदिवासी विकास से क्यों बच गए। 60 साल तक घर, स्कूल, मोबाइल टॉवर नहीं पहुंचने दिया और अब हिसाब मांग रहे हो। अपने गिरेबान में झांककर देखिए।

लोकसभा में इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (संशोधन) बिल पास

लोकसभा में आज इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (संशोधन) बिल, 2025 को पारित करा लिया गया है। वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्टसी कोड (IBC) देश के बैंकिंग क्षेत्र की स्थिति में सुधार लाने में प्रमुख और अत्यंत महत्वपूर्ण फैक्टर रही है, जिसमें नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स की वसूली भी शामिल है।

लोकसभा में IBC में संशोधन करने वाले विधेयक को पेश करते हुए मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इन्सॉल्वेंसी रिजोल्यूशन प्रोसेस से बाहर आने के बाद कंपनियों का प्रदर्शन अच्छा रहा है और उनकी कॉर्पोरेट गवर्नेंस प्रैक्सिट में भी सुधार हुआ है।

2025 में सुरक्षा बलों ने 270 नक्सल उग्रवादियों को मुठभेड़ में मार गिराया, 680 नक्सलियों को गिरफ्तार किया और करीब 1225 नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने के लिए बाध्य किया।

अनुराग ठाकुर बोले- शाह आज अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर आए हैं

भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा- भारत माता के सबसे दर्दनाक घावों में एक नक्सलवाद है। देश को यह घाव कांग्रेस ने दिया। हमारे नेता ने संकल्प लिया था कि नकस्लवाद को 31 मार्च, 2026 तक खत्म कर देंगे और वे आज अपना रिपोर्टकार्ड लेकर आए हैं। इसके कहते हैं- संकल्प से सिद्धि तक की यात्रा।

महुआ बोलीं- हमने वेलफेयर पर जोर देकर पश्चिम बंगाल को नक्सल मुक्त बनाया

महुआ मोइत्रा ने नक्सलवाद पर चर्चा के दौरान कहा कि आज देश राइटविंग आतंकवाद से त्रस्त है। एनर्जी क्राइसिस से निपटने के लिए किसी रोडमैप की कोई बात नहीं हो रही है। आज आपने अचानक नक्सलवाद पर चर्चा शुरू करा दी। कितने महान हैं अमित शाह जी, सबको ठोक कर ठंडा कर दिया। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद 1969 में सिलीगुड़ी के पास नक्सलबाड़ी से शुरू हुआ और बाकी जगह फैला। लेफ्ट विंग एक्स्ट्रीमिज्म कानून-व्यवस्था की परेशानी नहीं थी। आज बीजेपी दावा कर रही है कि हमने इस समस्या का समाधान कर दिया। मनरेगा, फॉरेस्ट राइट्स एक्ट जैसे कदमों का इसमें बड़ा योगदान रहा। 2019 से 2025 के बीच किलिंग बढ़ी, गिरफ्तारियां कम हुईं। सिक्योरिटी रिलेटेड फंड्स 44 परसेंट खर्च नहीं हुए इस वित्तीय वर्ष में। महुआ मोइत्रा ने 2011 से 2017 के बीच नक्सलियों के सरेंडर के आंकड़े बताए और कहा कि हमने मिलिट्री पावर यूज नहीं की। हमने वेलफेयर पर जोर देकर पश्चिम बंगाल को नक्सल मुक्त बनाया।

वित्त मंत्री बोलीं- IBC बिल से दिवाला प्रक्रिया मजबूत होगी

लोकसभा में इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) बिल पर जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इसपर 40 सदस्यों ने अपनी बात रखी है। हम यह बिल भारत में दिवाला प्रक्रिया के ढांचे को मजबूत करने के लिए ला रहे हैं। 2016 से अब तक के अनुभवों को इस बिल में शामिल किया गया है।

केंद्रीय उड्डयन मंत्री बोले- इमरजेंसी लैंडिंग में सुरक्षा सर्वोपरि, ATF का 60 दिन का स्टॉक

केंद्रीय उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने राज्यसबा में कहा कि इमरजेंसी या प्रेफर्ड लैंडिंग का फैसला पूरी तरह सुरक्षा के आधार पर लिया जाता है। लैंडिंग से पहले सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी होता है। यह विमान के प्रकार, मौसम और एयरस्पेस में अन्य विमानों की स्थिति पर निर्भर करता है।

ATF (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) को लेकर उन्होंने कहा कि फिलहाल पर्याप्त आपूर्ति मौजूद है।“सामान्य तौर पर ATF प्रोडक्शन का आधा हिस्सा घरेलू खपत के लिए होता है और बाकी निर्यात किया जाता है। हमारे पास अगले 60 दिनों का स्टॉक है। प्रोडक्शन को लेकर कोई समस्या नहीं दिख रही है।

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