बिलासपुर/जांजगीर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित असिस्टेंट डायरेक्टर इंडस्ट्री परीक्षा 2024-25 के परिणाम घोषित हो गए हैं। इस परीक्षा में भंवरेली विकासखण्ड बम्हनीडीह जिला जांजगीर-चाम्पा निवासी सिद्धांत दुबे ने प्रथम रैंक हासिल कर जिला जांजगीर-चाम्पा का नाम रोशन किया और असिस्टेंट डायरेक्टर इंडस्ट्री के पद पर चयनित हुआ। सिद्धांत प्रकाश इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड कोटाडबरी चाम्पा में टरनर के पद पर सेवारत गणेश चंद दुबे-श्रीमती शेलबाला दुबे के पुत्र हैं। असिस्टेंट डायरेक्टर इंडस्ट्री के पद पर चयनित होने पर कोरबा जिले के विकास खण्ड पाली मुख्यालय में संचालित छत्तीसगढ़ पब्लिक हायर सेकेण्डरी स्कूल के डायरेक्टर एवं कैरियर काऊंसलर डा. गजेंद्र तिवारी सहित परिजनों एवं शुभचिंतकों ने बधाई प्रेषित की है।
प्रारंभिक शिक्षा
सिद्धांत दुबे की प्रारंभिक शिक्षा ज्ञानोदय शिशु मंदिर अफरीद से हुई। 5वीं तक यहां शिक्षा ग्रहण करने के बाद उनका चयन जवाहर नवोदय विद्यालय चिस्दा के लिए चयन हुआ और 6वीं से 12वीं तक यहीं पढ़ाई की।
उच्च शिक्षा
2016 से 2020 तक बी-टेक की पढ़ाई मैकेनिकल ब्रांच से एनआईटी कुरूक्षेत्र, हरियाणा से हुई। फिर कालेज प्लेसमेंट में जॉब लगा, लेकिन ज्वाइनिंग न कर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में लग गए।
तैयारी यात्रा
2023 में सीजी पीएससी प्रारंभिक परीक्षा (प्रिलिम्स) पास किए, लेकिन मुख्य परीक्षा में असफलता हाथ लगी। कहा जाता है असफलता ही सफलता की सीढ़ी है। सिद्धांत दुबे ने हार न मानी और बड़ा सपना देखने तथा लक्ष्य हासिल करने की ललक से उन्होंने 2024 में सीजीपीएससी मेंस पास किए और साक्षत्कार दिलाया, लेकिन कोई पद नहीं मिला। 2024 मेें व्यापम द्वारा आयोजित होस्टल वार्डन परीक्षा में 27वां रैंक प्राप्त हुआ। 2024 में व्यापम द्वारा आयोजित हायर एजुकेशन लैब टेक्निशियन में प्रथम रैंक आया। उनका सतत प्रयास जारी रहा और सीजीपीएससी की तैयारी करते रहे, वह स्वर्णीम दिन भी आया और उन्होंने सीजीपीएससी द्वारा आयोजित असिस्टेंट डायरेक्टर इंडस्ट्री परीक्षा 2025 में उनका प्रथम रैंक आया और सहायक संचालक उद्योग/प्रबंधक इंडस्ट्री के पद पर पदस्थ हुए।
गु्रप स्टडी से मिली सफलता
सिद्धांत दुबे ने बताया कि 2022 से सेंट्रल लाइब्रेरी बिलासपुर में चार दोस्तों का गु्रप बनाकर वे निरंतर स्टडी करते रहे। उन्होंने बताया यहां जीएम आईटी श्रीनिवास एवं इंक्यूवेशन सेंटर प्रभारी धनंजय पाण्डेय का सपोर्ट मिला। इसका सुखद परिणाम निकला और चारों दोस्तों का सीजीपीएससी में चयन हो गया। सत्येन्द्र बंजारे, हिमलेश्वरी कंवर का पहले ही सीजीपीएससी में सलेक्शन हो गया और उसके बाद सिद्धार्थ तिवारी का चयन हुआ। सीजीपीएससी द्वारा आयोजित असिस्टेंट डायरेक्टर इंडस्ट्री परीक्षा 2025 में सिद्धांत दुबे का चयन हुआ और कड़ी मेहनत से सिद्धांत ने नया मुकाम हासिल किया।
मंजिल पाने के लिए मेहनत और धैर्य जरूरी
असिस्टेंट डायरेक्टर इंडस्ट्री के पद पर चयनित होने के बाद सिद्धांत दुबे ने बताया कि मंजिल पाने के लिए मेहनत और धैर्य बहुत जरूरी है। बड़ा लक्ष्य हासिल करने के लिए बड़ा सपना देखना जरूरी है। यदि आप असफल होते हैं, तो धैर्य बनाए रखिए और अपना लक्ष्य कायम रखिए। कड़ी मेहनत के साथ धैर्य जरूरी है। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के साथ ही वे इंटरनेट, यू-ट्यूब, पुराने प्रश्नपत्रों से सिलेबस से जुड़ी काम के चीजों को देखकर किताबों में ढूंढ़ा। बारबार अभ्यास के साथ नोट्स बनाकर पढ़ाई की। असफलता के बाद बड़ी सफलता भी मिली। उन्होंने कहा कि जितनी बड़ी चुनौती आएगी, मस्तिष्क को स्थिर रखकर चिंतन करना जरूरी है और अपनी मेहनत जारी रखना भी जरूरी है।
व्यक्तित्व विकास के लिए घर से दूर रहना जरूरी
सिद्धांत दुबे ने बताया कि घर से दूर सामुदायिक जीवन जीने से व्यक्तित्व का विकास होता है। वे कक्षा 6वीं से ही बाहर पढ़ाई की और इस कालखण्ड में उन्हें कई ऐसे विद्वतजन मिले, जिनके सम्पर्क में आने से उन्हें गाइडेंस मिला। कई बार असफला मिली, लेकिन मन में धैर्य था और माता-पिता के सपनों को साकार करना भी था। सपना बड़ा था, लक्ष्य भी बड़ा था। लगन के साथ नोट्स बनाया और बार-बार लिख लिखकर पढ़ाई की और इस तरह उन्हें उद्योग विभाग में काम करने का अवसर प्राप्त हुआ।
राज्य सरकार नई औद्योगिक नीति लाई है, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य का विकास होगा। इस योजना से सरकार के लक्ष्य को पूरा करने का प्रयास होगा और इसमें मेरी छोटी सी भूमिका होगी। नई औद्योगिक नीति से युवाओं को रोजगार मिलेगा। यह छत्तीसगढ़ के लिए अच्छा संकेत है।

