नई दिल्ली,एजेंसी। वर्ष 2025 में चांदी ने भारत में सभी कमोडिटीज को पछाड़ते हुए निवेशकों की पहली पसंद बन गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर पिछले हफ्ते चांदी की कीमत रू.1,06,138 प्रति किलोग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर (All-Time High) पर पहुंच गई। वहीं देश के प्रमुख सर्राफा बाजारों में चांदी आज रू.1,05,290 प्रति किलो (बिना GST) पर ट्रेड कर रही है।
इस ऐतिहासिक उछाल के पीछे क्या वजहें हैं?
1. सेफ-हेवन की मांग में जबरदस्त उछाल
रूस-यूक्रेन युद्ध, मध्य-पूर्व में तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के चलते निवेशक सुरक्षित विकल्प की ओर भाग रहे हैं। सोने के साथ-साथ अब चांदी को भी सेफ-हेवन एसेट के रूप में देखा जा रहा है, जिससे इसमें निवेश बढ़ा है।
2. इंडस्ट्री की तेज़ मांग
चांदी की औद्योगिक मांग रिकॉर्ड स्तर पर है। खासतौर पर:
- सोलर पैनल के निर्माण में
- इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) में
- इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में
- ग्रीन एनर्जी की तरफ तेजी से बढ़ती दुनिया में चांदी एक जरूरी धातु बन चुकी है।
3. ग्लोबल सप्लाई में कमी
रूस दुनिया के टॉप 10 चांदी उत्पादक देशों में शामिल है। यूक्रेन युद्ध और प्रतिबंधों के कारण सप्लाई बाधित हुई है। इसके अलावा, पिछले 5 वर्षों से वैश्विक स्तर पर चांदी की लगातार कमी दर्ज की जा रही है, जिससे कीमतें और ऊपर जा रही हैं।
