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राजस्थान, एमपी, यूपी समेत 12 राज्यों में कल से SIR:7 फरवरी तक पूरा होगा, अगले साल चुनाव वाले बंगाल में SIR, लेकिन असम में नहीं

नई दिल्ली,एजेंसी। बिहार के बाद देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट अपडेट होगी। चुनाव आयोग ने सोमवार को बताया कि इन राज्यों में वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR कल यानी 28 अक्टूबर से शुरू होगा और 7 फरवरी को खत्म होगा।

103 दिन के प्रोसेस में वोटर लिस्ट का अपडेशन होगा। नए वोटरों के नाम जोड़े जाएंगे और वोटर लिस्ट में सामने आने वाली गलतियों को सुधारा जाएगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को बताया कि आज रात से ही इन 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की वोटर लिस्ट फ्रीज हो जाएगी।

खास बात ये है कि अगले साल चुनाव वाले बंगाल में SIR होगा, लेकिन असम में नहीं होगा। चुनाव आयोग का कहना है कि असम में नागरिकता से जुड़े नियम थोड़े अलग है, इसलिए वहां यह प्रक्रिया अलग तरीके से चलेगी।

नीचे देखें 12 राज्यों की लिस्ट जहां SIR होगा

पश्चिम बंगाल

अंडमान निकोबार

छत्तीसगढ़

गोवा

गुजरात

केरल

लक्षद्वीप

मध्य प्रदेश

पुडुचेरी

राजस्थान

तमिलनाडु

उत्तर प्रदेश

SIR की प्रोसेस को 7 सवाल-जवाब में जानें

1. SIR क्या है

यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। इसमें 18 साल से ज्यादा के नए वोटर्स को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है। जो शिफ्ट हो चुके हैं उनके नाम हटाए जाते हैं। वोटर लिस्ट में नाम, पते में हुई गलतियों को भी ठीक किया जाता है। BLO घर-घर जाकर खुद फॉर्म भरवाते हैं।

2. पहले किस राज्य में हुआ?

पहले फेज में बिहार में हुआ। फाइनल लिस्ट में 7.42 करोड़ वोटर्स हैं। ये वोटर्स 6 और 11 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में वोट डालेंगे।

3. कौन करेगा

SIR वाले 12 राज्यों में करीब 51 करोड़ मतदाता हैं। इस काम में 5.33 लाख बीएलओ (BLO) और 7 लाख से ज्यादा बीएलए (BLA) राजनीतिक दलों की ओर से लगाए जाएंगे।

SIR के दौरान BLO/BLA वोटर को फॉर्म देंगे। वोटर को उन्हें जानकारी मैच करवानी है। अगर दो जगह वोटर लिस्ट में नाम है तो उसे एक जगह से कटवाना होगा। अगर नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो जुड़वाने के लिए फॉर्म भरना होगा और संबंधित डॉक्यूमेंट्स देने होंगे।

6. SIR के लिए कौन से दस्तावेज मान्य

  1. पेंशनर पहचान पत्र
  2. किसी सरकारी विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र
  3. जन्म प्रमाणपत्र
  4. पासपोर्ट
  5. 10वीं की मार्कशीट
  6. स्थायी निवास प्रमाणपत्र
  7. वन अधिकार प्रमाणपत्र
  8. जाति प्रमाणपत्र
  9. राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) में नाम
  10. परिवार रजिस्टर में नाम
  11. जमीन या मकान आवंटन पत्र
  12. आधार कार्ड

7. SIR मकसद क्या है

1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना।

डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो।

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