रायपुर, एजेंसी। 28 अगस्त यानि आज रक्षाबंधन मना गया। छत्तीसगढ़ के अलग-अलग क्षेत्र के जेलों से रक्षाबंधन मनाने की तस्वीर सामने आई है। जेलों के बाहर बहनों की लंबी लाइन लगी है। कहीं बहनें भावुक नजर आईं तो कहीं बहनों ने अपने भाइयों को मिठाई खिलाई और उनका हालचाल जाना। बिलासपुर, रायगढ़, दुर्ग, बलौदाबाजार और अंबिकापुर की जेलों में विशेष व्यवस्था की गई है।
डीजी जेल हिमांशु गुप्ता ने जानकारी दी कि प्रदेश की 5 केंद्रीय, 22 जिला और 6 उपजेलों में बहनों ने अपने बंदी भाइयों से मुलाकात की। इस साल कुल 24,110 बहनों ने 8,597 पुरुष बंदियों को राखी बांधी। जबकि पिछले साल करीब 12 हजार बहनों ने राखी बांंधी थी।
रायपुर के ट्रांसजेंडर शेल्टर होम ‘गरिमा गृह’ में भी रक्षाबंधन मनाया गया। वहीं, कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर क्षेत्र के ग्राम चौगेल (मुल्ला) में सरेंडर महिला नक्सलियों ने DRG जवानों को राखी बांधी।
सरेंडर महिला नक्सलियों ने DRG जवानों को राखी बांधी।
रायगढ़ जिला जेल में बहन ने जेल के बाहर से ही भाई को राखी बांधी।
बिलासपुर-अंबिकापुर जेल की तस्वीरें, भाई से मुलाकात के बाद भावुक हुईं बहनें।
जेल परिसर में बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधा रक्षा-सूत्र।
बहनों को साइबर क्राइम के प्रति जागरूक कर रही पुलिस।
बिलासपुर, दुर्ग और रायपुर में सबसे ज्यादा भीड़
राखी बांधने में सबसे ज्यादा बहनें केंद्रीय जेल बिलासपुर पहुंचीं। यहां 4,757 बहनों ने 1,469 पुरुष बंदियों को राखी बांधी। इसके बाद केंद्रीय जेल दुर्ग में 4,010 और केंद्रीय जेल रायपुर में 3,297 बहनें पहुंचीं।
इन तीन जेलों में ही कुल 12,064 बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं। यानी प्रदेश में पुरुष बंदियों को राखी बांधने पहुंची हर दो बहनों में से करीब एक इन तीन केंद्रीय जेलों में पहुंची।
रायपुर में महिला बंदियों ने भी राखी बंधी
केंद्रीय जेल रायपुर में 34 महिला बंदियों ने 55 भाइयों से राखी बंधवाई। वहीं 1,424 पुरुष बंदियों को 3,297 बहनों ने राखी बांधी। इस तरह रायपुर जेल में कुल 1,458 बंदियों से 3,352 लोगों ने मुलाकात की।

