कोरबा। कोरबा में गोत्र के नाम पर एक दंपती का सामाजिक बहिष्कार करने और उन्हें समाज में दोबारा शामिल करने के एवज में 5 लाख रुपये की मांग करने के मामले में न्यायालय ने चार कथित सामाजिक ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस अब मामले की जांच करेगी।

जानकारी के अनुसार, रायपुर निवासी एक युवक अगस्त 2022 से कोरबा जिले के पीढ़ीभर क्षेत्र में एक निजी ठेका कंपनी में कार्यरत है। युवक ने 26 अगस्त 2022 को रायपुर निवासी एक युवती से विवाह किया था। विवाह की जानकारी समाज के लोगों को मिलने के बाद कथित तौर पर दोनों का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया।
गोत्र को लेकर खड़ा हुआ विवाद
पीड़ित दंपती का कहना है कि युवक का गोत्र कश्यप और उसकी पत्नी का लिमोता गोत्र है। बावजूद इसके समाज के कुछ पदाधिकारियों ने दोनों को एक ही गोत्र का बताते हुए विवाह पर आपत्ति जताई और परिवार को समाज से अलग कर दिया।
समाज में शामिल करने के लिए मांगे लाखों रुपये
शिकायत के अनुसार, शुरुआत में समाज के पदाधिकारियों ने दंपती को दोबारा समाज में शामिल करने के लिए 2 लाख रुपये की मांग की। बाद में यह रकम बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दी गई।
दंपती ने आर्थिक स्थिति कमजोर होने का हवाला देते हुए 11-11 हजार रुपये देने का प्रस्ताव रखा, लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया गया। आरोप है कि बाद में समाज में पुनः शामिल करने के नाम पर 5 लाख रुपये की मांग रखी गई।
3 लाख देने के बाद भी नहीं मिला समाज में स्थान
पीड़ित ने न्यायालय में दायर याचिका में बताया कि सामाजिक बहिष्कार और दबाव से परेशान होकर उन्होंने किसी तरह 3 लाख रुपये की व्यवस्था कर संबंधित लोगों को दे दिए। इसके बावजूद उन्हें समाज में शामिल नहीं किया गया और शेष 2 लाख रुपये की मांग जारी रखी गई।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज होगी एफआईआर
मामले में अधिवक्ता प्रिंस अग्रवाल ने बताया कि न्यायालय ने प्रथम दृष्टया तथ्यों को गंभीर मानते हुए चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है।
कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने कहा कि न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस के लिए एफआईआर दर्ज कर मामले की निष्पक्ष जांच करना अनिवार्य है। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला गोत्र और सामाजिक परंपराओं के नाम पर कथित सामाजिक बहिष्कार तथा आर्थिक वसूली जैसे गंभीर आरोपों को लेकर चर्चा में है। अब पुलिस जांच से पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
