2.60 लाख स्वीकृत, 10 हजार घूस देकर भी नहीं मिले रुपए, खराब निर्माण के कारण धंसा कुआं
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में रिश्वतखोरी और ग्राम पंचायत की लापरवाही ने एक ही परिवार के 3 लोगों की जान ले ली। दरअसल, 29 जुलाई की सुबह कुआं धंसने से पिता और मां-बेटे मलबे में दब गए थे। 26 घंटे बाद तीनों की लाश निकाली गई। मामला पाली थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत खोडरी के आश्रित गांव बनवार का है।
मृतक के बेटे जीवन राम श्रीवास ने बताया कि ग्राम पंचायत से कुआं बनवाने 2.60 लाख स्वीकृत हुए थे। सामान के लिए कुछ रुपए मिले, लेकिन मजदूरी देने के लिए रुपए नहीं थे। राशि दिलवाने रोजगार सहायक शिवकुमार ने रिश्वत मांगी। पिता ने 10 हजार रुपए में खेत गिरवी रखकर रोजगार सहायक को घूस दी, फिर भी रुपए नहीं मिले।
मृतक के बेटे ने कहा कि- राशि दिलवाने रोजगार सहायक शिवकुमार ने रिश्वत मांगी थी।

बनवार गांव में कुआं धंसने से परिवार के 3 लोगों की मौत हो गई।
पैसों की कमी के कारण गुणवत्ताहीन काम हुआ। खराब क्वालिटी के सीमेंट-छड़ लगाए गए। यदि सही से काम किया गया होता तो उसके माता-पिता और भाई जिंदा होते। बता दें कि 2 महीने पहले ग्राम पंचायत से कुएं निर्माण मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के तहत करवाया गया था।
जानिए क्या है पूरा मामला
घटना मंगलवार सुबह 6 बजे के आसपास की है। घर पर मौजूद भाई-बहन ने पुलिस को बताया कि जब वे सुबह उठे तो उन्होंने कुआं धंसा हुआ पाया। बड़े भाई, मां और पिता लापता थे। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। उच्च अधिकारियों को सूचना देकर आपदा प्रबंधन टीम को बुलाया गया।
जानकारी के मुताबिक कुएं में लगे मोटर पंप को निकालने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान अचानक पूरा कुआं धंस गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन की तस्वीरें भी देखिए
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 25 फीट गहराई में तीनों की लाशें मिली।
पिता और मां-बेटे तीनों की लाश बाहर निकालकर ढंक कर रखी गई।
तीनों लोगों की मौत के बाद गांव में मातम का माहौल है।
जानकारी के मुताबिक कुआं निर्माण के लिए राशि स्वीकृत होने के बाद 40% और 60% के अनुपात में राशि दी जाती है। मृतक के बेटे ने बताया कि उन्हें राशि नहीं मिली। इसलिए परिवार परेशान था। जैसे-तैसे कुएं का निर्माण करवाया गया था।
मृतक के परिजनों ने इस मामले में प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी
एसडीएम टीएस भारद्वाज ने कहा कि उस दिन उनका पूरा ध्यान मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने पर था। उन्होंने आश्वासन दिया कि सामने आ रही शिकायतों की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पाली तानाखार के पूर्व विधायक मोहित राम केरकेट्टा ने कहा कि कलेक्टर को पत्र लिखकर मामले की शिकायत की जाएगी। इधर, गांव वाले भी प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
