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कांग्रेसियों से बोले सोनी- सुधर जाओ:जीत के बाद दी नसीहत, हार के बाद कांग्रेस बोली- दक्षिण हम कभी जीते नहीं, नतीजों का अंदाजा था

रायपुर ,एजेंसी। अब सुनील सोनी रायपुर दक्षिण से विधायक हैं। जीतने के बाद उन्हांेने कांग्रेस के नेताओं को सुधर जाने की नसीहत दी है। दरअसल कांग्रेस ने सोनी के खिलाफ जो चुनावी प्रचार किया उसमें सोनी पर निष्क्रिय नेता रहने, सोने के सिक्के वोटर्स को बांटने जैसे आरोप लगाए। अब नतीजों के बाद साेनी ने कहा है कांग्रेस ने भ्रम फैलानी की राजनीति की है।

दैनिक भास्कर से सुनील सोनी ने कहा- हमने विकास के नाम पर चुनाव लड़ा था और विकास करके दिखाएंगे। आने वाले समय में मोदी की योजना हमारे विष्णुदेव साय की योजना हम लोगों तक पहुंचाएंगे। हम और बृजमोहन अग्रवाल दोनों मिलकर तेजी के साथ में दक्षिण का विकास करेंगे।

सोनी ने आगे कहा- कांग्रेस के बड़े नेताओं से मैं कह देना चाहता हूं कि भ्रम फैलाना, झूठ बोलना जो कांग्रेस के स्वभाव में है उसको बंद कर दो भाई.. समस्या पैदा करके राजनीति करना बंद कर दो, सुधर जाओ आज तो जनता दूर हो गई है, आने वाले समय में आपके कार्यकर्ता भी आपसे दूर हो जाएंगे।

CM ने भूपेश बघेल को बताया बंटाधारी

नतीजों के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से पूछा गया कि भूपेश बघेल पर महाराष्ट्र का जिम्मा था, दक्षिण में भी जीत का दावा उन्होंने किया था। जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा- अब कांग्रेस में कुछ लोग जैसे राहुल गांधी हैं भूपेश बघेल हैं ये लोग जहां भी जाएंगे कांग्रेस का बंटाधार ही करेंगे।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष क्या बोले

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि रायपुर दक्षिण की जनता ने एक बार फिर बता दिया कि प्रदेश और शहर का विकास केवल भाजपा की सरकार ही कर सकती है। यह जीत जनता के भाजपा पर विश्वास की जीत है और कांग्रेस के झूठे वादों पर जनता का करारा तमाचा है। छत्तीसगढ़ प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को फिर से एक बार पूरी तरह नकार दिया है।

कांग्रेस बोली कोई अप्रत्याशित नतीजा नहीं

कांग्रेस के संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने पार्टी की ओर से नतीजों के बाद दिए गए आधिकारिक बयान में कहा- हमारे सभी नेताओं ने एक होकर चुनाव लड़ा। दक्षिण विधानसभा एक ऐसी विधानसभा है जहां से हम कभी चुनाव नहीं जीते थे। पिछले विधानसभा चुनाव में सर्वाधिक मत से दक्षिण को ही हम हारे।

लेकिन इस उप चुनाव में जो परिणाम आते हैं वह सत्तारुढ़ दल के पक्ष में आते हैं । जब हम सरकार में थे तो पांच-पांच उपचुनाव हमने जीते थे। तो कोई यह इस परिणाम से कोई अतिशयोक्ति नहीं है, यह परिणाम अप्रत्याशित आए हैं ऐसा नहीं लेकिन हमारे नेताओं की मेहनत हमारे कार्यकर्ताओं की मेहनत का नतीजा है कि हम यहां की हार का अंतर कम करने में सफल रहे हैं।

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