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विशेष सत्र…चरणदास महंत बोले-राज्यपाल का पत्र आया है, इसलिए जाना पड़ेगा:उपमुख्यमंत्री ने कहा- विपक्ष ने छीने महिलाओं के संवैधानिक अधिकार, सत्र में करेंगे एक्सपोज

रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने विधानसभा के विशेष सत्र को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल का पत्र आया है, इसलिए सत्र में शामिल होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि “पत्र में शासकीय कार्य का जिक्र है, इसलिए हम उसमें भी भाग लेंगे।”

महंत ने मुख्यमंत्री के निंदा प्रस्ताव लाने वाले बयान पर सवाल उठाते हुए कहा, “उन्होंने ऐसा कैसे कह दिया? उनके सलाहकार कौन हैं? साथ ही उन्होंने पूछा कि निंदा प्रस्ताव किसके खिलाफ लाया जाएगा।

नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत

उन्होंने यह भी पूछा कि लोकसभा की कार्यवाही के खिलाफ प्रस्ताव लाना क्या संवैधानिक है। “क्या एक सदन में हुई चर्चा पर दूसरे सदन में बहस हो सकती है? यह मेरी समझ से परे है।”

महंत ने कहा कि जो भी स्थिति बनेगी, विपक्ष चर्चा में भाग लेकर सरकार को जवाब देगा।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव

विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाएगी सरकार

वहीं, उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि 30 अप्रैल को विधानसभा में विशेष सत्र होगा, जिसमें विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने “आधी आबादी के संवैधानिक अधिकार छीनने का काम किया” और कांग्रेस शुरू से ही महिला आरक्षण का विरोध करती रही है।

साव ने कहा कि इस सत्र के जरिए विपक्षी नेताओं को एक्सपोज किया जाएगा।

30 अप्रैल को एक दिवसीय विशेष सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल को प्रस्तावित है। इस दौरान राज्य सरकार महिला आरक्षण कानून और डिलिमिटेशन से जुड़े 131वें संवैधानिक संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने के विरोध में निंदा प्रस्ताव ला सकती है।

इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस के आसार हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वे “दुखी मन” से अपनी बात रख रहे हैं। उनके मुताबिक महिलाओं को 33% आरक्षण देने का सपना विपक्ष के रुख के कारण पूरा नहीं हो सका।

सीएम साय ने कहा कि इस फैसले से देश की करोड़ों महिलाओं की उम्मीदों को ठेस पहुंची है और यह सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा अहम मुद्दा है।

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