DivyaAkash: Your Daily Source for Hindi News

“साक्षर कोरबा-समृद्ध कोरबा” की ओर बढ़े कदम, 27 सितंबर को होगी उल्लास महापरीक्षा

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने की अपील-परीक्षा से कोई शिक्षार्थी न रहे वंचित, सहभागिता सुनिश्चित करने सभी निभाएं अपनी जिम्मेदारी
7,817 शिक्षार्थी होंगे शामिल, जिले में बनाए गए 383 उल्लास केंद्र
कोरबा जेल एवं कटघोरा उपजेल में भी 50 से अधिक बंदी देंगे परीक्षा
कोरबा, 25 सितंबर 2026।
जिले को पूर्ण साक्षर बनाने और शिक्षा की रोशनी समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने की दिशा में कोरबा जिला एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाने जा रहा है। उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत 27 सितंबर 2026 को जिले में उल्लास नवभारत साक्षरता महापरीक्षा का आयोजन किया जाएगा। जिले के 383 उल्लास केंद्रों में आयोजित होने वाली इस परीक्षा में 7,817 शिक्षार्थी शामिल होकर अपनी सीखने की उपलब्धियों का मूल्यांकन करेंगे।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जिले के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, शिक्षकों, स्वयंसेवी शिक्षकों, सामाजिक संगठनों एवं गणमान्य नागरिकों से इस साक्षरता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि अपने आसपास एवं क्षेत्र के चिन्हांकित शिक्षार्थियों को 27 सितंबर की परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रेरित करें और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में भी सहयोग प्रदान करें, ताकि कोई भी पात्र शिक्षार्थी परीक्षा में शामिल होने से वंचित न रहे।

साक्षरता से खुलते हैं आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण के द्वार

कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा कि साक्षरता का अर्थ केवल अक्षरों को पहचानना अथवा पढ़ना-लिखना सीखना नहीं है। साक्षरता व्यक्ति में आत्मविश्वास पैदा करने के साथ उसे दैनिक जीवन में बेहतर निर्णय लेने और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने में सक्षम बनाती है। एक साक्षर व्यक्ति अपने परिवार और समाज को भी आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी उद्देश्य के साथ उल्लास कार्यक्रम के माध्यम से ऐसे नागरिकों को शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिन्हें पूर्व में पढ़ने-लिखने का अवसर नहीं मिल पाया।

जेल की चारदीवारी के भीतर भी पहुंचेगी शिक्षा की रोशनी

उल्लास अभियान को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने के उद्देश्य से कोरबा जेल एवं कटघोरा उपजेल में भी महापरीक्षा की विशेष व्यवस्था की गई है। दोनों स्थानों पर 50 से अधिक बंदी परीक्षा में शामिल होकर अपने अर्जित ज्ञान एवं सीखने की उपलब्धियों का मूल्यांकन करेंगे। यह पहल साक्षरता के साथ शिक्षा के माध्यम से सकारात्मक बदलाव और नई शुरुआत का अवसर प्रदान करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।

कलेक्टर श्री दुदावत ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि “पूर्ण साक्षर कोरबा का लक्ष्य केवल प्रशासन का अभियान नहीं, बल्कि पूरे जिले का साझा संकल्प है। सामूहिक सहभागिता और सहयोग से ही ‘साक्षर कोरबादृसमृद्ध कोरबा’ की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है।”
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों, शिक्षकों एवं स्वयंसेवकों से भी कहा है कि 27 सितंबर को प्रत्येक चिन्हांकित शिक्षार्थी की परीक्षा में सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए समन्वय के साथ कार्य करें और उल्लास महापरीक्षा को जिले में साक्षरता के जनअभियान के रूप में सफल बनाएं।

Exit mobile version