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हरदीबाजार पंचायत में SECL दीपका प्रबंधन के अवैध ड्रोन सर्वे पर ग्रामीणों का जबरदस्त विरोध, थाना परिसर का घेराव

कोरबा/​हरदीबाजार। आज हरदीबाजार ग्राम पंचायत के ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और प्रतिनिधियों ने साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) दीपका प्रबंधन द्वारा हरदीबाजार थाना परिसर से कराए जा रहे ड्रोन सर्वे के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों ने घंटों तक थाना परिसर का घेराव किया और ड्रोन सर्वे बंद करो के नारे लगाए, इस कार्रवाई को तत्काल रोकने की मांग की।

बिना अनुमति और अर्जन समस्याओं का पहले करो निराकरण, फिर सर्वे

​ग्रामीणों का कहना है कि यह सर्वे बिना ग्राम सभा की अनुमति और बिना ग्रामवासियों की सहमति के गुपचुप तरीके से किया जा रहा है, जो कि अवैध और असंवैधानिक है ।

ग्रामीणों ने इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी (SDM) पाली को लिखित शिकायत भी सौंपी है, जिसमें उन्होंने मुख्य रूप से निम्नलिखित आपत्तियाँ और माँगे उठाई हैं ।

​मुख्य आपत्तियाँ

  1. ​ग्राम सभा की अवहेलना:- SECL ने ग्राम सभा या ग्रामवासियों की सहमति प्राप्त किए बिना सर्वे शुरू कर दिया है ।
  2. ​अधिकारों का हनन:- यह कार्रवाई भूमि-अधिग्रहण, मुआवजा, रोज़गार और पुनर्वास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों के निराकरण से पहले की जा रही है, जिससे ग्रामवासियों के गरिमा से जीने के अधिकार का हनन हो रहा है ।
  3. कानूनी आधार पर प्रश्न:- ग्रामीणों ने SECL से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि यह सर्वे किस आधार और किस कानून के तहत कराया जा रहा है ।
  4. ​प्रशासन की आड़:- ग्रामीणों ने अधिकारियों से सीधे प्रश्न किया कि SECL जो एक अनुषंगी कंपनी है को थाना परिसर जैसे संवेदनशील स्थान से सर्वे कराने की क्या आवश्यकता पड़ी? यह स्पष्ट रूप से प्रशासन की आड़ में खदान विस्तार करने की एक कोशिश है ।

​ग्रामीणों की प्रमुख माँगें

  1. ​ग्राम सभा के अनुमति बगैर ड्रोन सर्वे पर तत्काल रोक लगाई जाए ।
  2. ​SECL से यह स्पष्ट कराया जाए कि सर्वे किस आधार पर कराया जा रहा है ।
  3. ऐसे सर्वे की ​पूरे मामले की जाँच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए ।
  4. ​भविष्य में किसी भी प्रकार के सर्वे के लिए ग्राम सभा की अनुमति और ग्रामवासियों की सहमति को अनिवार्य किया जाए ।
  5. ​ग्रामीणों के निजी भूमि एवं मकान सहित परिसंपत्तियों से छेड़छाड़ करने वाले अनुषंगी कंपनी (SECL) को रोका जाए ।

​विरोध प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मुआवजा, रोजगार, पुनर्वास, और नई केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की दरों को लागू करने जैसी समस्याओं का प्रशासनिक स्तर पर निराकरण नहीं होता तब तक गांव में किसी भी प्रकार का सर्वे या नापी कार्य नहीं होने दिया जाएगा ।

​ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी के नाम से थाना प्रभारी को शिकायत सौंपते हुए इस मनमानी और ग्रामीणों को धमकाने वाली स्थिति उत्पन्न करने के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है ।

​ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी से निवेदन किया है कि वे इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेकर तत्काल उचित न्यायिक कार्यवाही सुनिश्चित करें ।

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