सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में गुरुवार सुबह 9वीं के छात्र ने हॉस्टल के टॉयलेट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिजनों ने प्रिंसिपल पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि प्रिंसिपल छोटी-छोटी बातों पर डांटता और प्रताड़ित करता था। सुसाइड की सूचना भी थाने में नहीं दी गई।
मामला सामने आने के बाद राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति के आयुक्त ने प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया है। मामला बाराद्वार थाना क्षेत्र का है। शनिवार को परिजनों ने प्रिंसिपल के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है।
शनिवार रात घर वालों ने थाने का घेराव कर दिया।

परिजनों ने प्रिंसिपल के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र ओमेश कुमार कंवर (15) ग्राम बासीन का रहने वाला था। वह पलाड़ी कला एकलव्य आवासीय विद्यालय के छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रहा था। गुरुवार (6 अगस्त) सुबह उसका शव छात्रावास के शौचालय में फंदे से लटका मिला।
स्कूल प्रबंधन उसे सक्ती जिला अस्पताल ले गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और जांच शुरू की।
प्रिंसिपल की डांट से मानसिक दबाव में होने का आरोप
घटना के बाद से ही परिजन स्कूल के प्राचार्य मनोज गुप्ता पर छात्र को प्रताड़ित करने का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि छात्र छोटी-छोटी बातों पर डांट-फटकार और मानसिक दबाव से परेशान था।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले छात्रों ने छात्रावास की अव्यवस्थाओं और कथित प्रताड़ना की शिकायत जिला कलेक्टर से की थी, लेकिन उस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई थी। वहीं, आरोपों को लेकर जब प्रिंसिपल से बातचीत करने की कोशिश की गई तो उन्होंने इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति के आयुक्त ने प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया है।
घटना के बाद प्रिंसिपल सस्पेंड
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति के आयुक्त ने प्रिंसिपल मनोज गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। हालांकि, परिजन केवल निलंबन से संतुष्ट नहीं हैं और उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग पर अड़े हैं।
परिजनों ने थाने का घेराव किया
शनिवार (8 अगस्त) को बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण बाराद्वार थाने पहुंचे और नारेबाजी करते हुए थाने का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक प्राचार्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होगी, वे अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे। कुछ प्रदर्शनकारियों ने थाना प्रभारी पर कार्रवाई में देरी करने का भी आरोप लगाया।
वहीं, सक्ती एसडीओपी भुनेश्वरी पैंकरा ने कहा कि छात्र का शव फंदे पर लटका मिला था और मामले की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है। परिजनों द्वारा लगाए गए प्रताड़ना के आरोपों की भी जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
