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विद्यार्थियों की बढ़ेगी पहचान, नियमित शिक्षक से पढ़ाई हुई आसान

युक्ति युक्तकरण से सुदूरवर्ती गाँव सांचरबहार के शिक्षकविहीन स्कूल को मिला शिक्षक
कोरबा। इस  गाँव में शिक्षा की मशाल जल चुकी है…स्कूल खोलकर यहाँ के विद्यार्थियों को शिक्षा से न सिर्फ जोड़ा जा चुका है..अब वर्षों से शिक्षकविहीन इस विद्यालय में नियमित शिक्षक की नियुक्ति से विद्यार्थियों के साथ गाँव के लोगों में खुशियों का वातावरण है। शिक्षकविहीन की श्रेणी में आने वाले इस विद्यालय में राज्य शासन के फैसलों के बाद अतिशेष शिक्षको के युक्ति युक्तकरण की अपनाई गई प्रक्रिया ने यहाँ ज्ञान की नई रोशनी और उम्मीदों का दीया जला दिया है।


   कोरबा ब्लॉक के सुदूरवर्ती ग्राम सांचरबहार ग्राम पंचायत नकिया का आश्रित ग्राम है। इस विद्यालय में वर्षों से नियमित शिक्षक पदस्थ नहीं था। स्कूल खुलने के साथ ही गाँव के लोगों की आस थी कि उनके बच्चे भी सही ढंग से पढ़ाई कर पाएंगे, दुर्भाग्यवश उनकी आस अधूरी ही थी, क्योंकि नियमित शिक्षक नहीं होने का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ता था। गाँव में रहने वाली वृद्धा मैसो बाई खुश है कि स्कूल को नियमित शिक्षक मिल गया है अब उनका नाती-नतिनी ठीक से पढ़ाई कर पाएंगे। उन्होंने बताया कि रिया और आशीष विद्यालय जाते हैं। गाँव की महिला राजकुमारी बाई ने बताया कि उनका बेटा प्रमेन्द्र स्कूल जाता है। पहले आसपास के विद्यालयों से किसी शिक्षक को स्कूल भेजकर काम चलाया जाता था। अब नियमित शिक्षक आ जाने से हम सभी खुश है कि हमारे गाँव के स्कूल और बच्चों की नई पहचान बनेगी और उनकी पढ़ाई भी आसान होगी। युक्ति युक्तकरण से इस विद्यालय में नियुक्त सहायक शिक्षक शेखरजीत टंडन ने बताया कि विद्यालय शहर से बहुत दूर है और अभी नई नियुक्ति के साथ ही लेमरू में ठहरने की व्यवस्था कर वहाँ से नियमित विद्यालय आते हैं। उन्होंने बताया कि बारिश में आवागमन थोड़ा चुनौती है, आने वाले समय में रास्ता पक्का हो जाने के साथ ही समस्या दूर हो जाएगी। उन्होंने बताया कि युक्ति युक्तकरण के काउंसिलिंग प्रक्रिया में उन्होंने इस विद्यालय का चयन किया है। विद्यालय में अभी 11 बच्चे दर्ज है और उन्हें खुशी है कि सुदूरवर्ती गाँव सांचरबहार के विद्यार्थियों का भविष्य गढ़ने का उन्हें अवसर मिला। उन्होंने बताया कि इससे पहले दूरस्थ क्षेत्र श्यांग के स्कूल में भी पदस्थ रहकर अध्यापन कर चुके हैं, अब सांचरबहार के शासकीय प्राथमिक शाला में नियुक्त है।

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