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सरगुजा- बाथरूम के वेंटिलेटर की ग्रिल तोड़कर भागे 3 नाबालिग:चोरी के आरोप में प्लेस ऑफ सेफ्टी में थे बंद; एक महीने में 27 बच्चे भाग चुके

सरगुजा, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के सरगुजा के प्लेस ऑफ सेफ्टी से शुक्रवार सुबह चोरी के आरोप में रखे गए 3 नाबालिग फरार हो गए। तीनों की उम्र 16 से 18 साल के बीच है। वे सुबह करीब 5:45 बजे बाथरूम के वेंटिलेटर (रोशनदान) की ग्रिल तोड़कर भाग निकले। पुलिस उनकी तलाश शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक, प्लेस ऑफ सेफ्टी में 16 से 18 साल के नाबालिग लड़कों को रखा जाता है। शुक्रवार (24 जुलाई) सुबह सभी बच्चों को योग के लिए उठाया गया था। तैयार होने के दौरान तीनों नाबालिग बाथरूम में गए और रोशनदान की ग्रिल तोड़कर भाग निकले। मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र का है।

1 महीने में ये तीसरी घटना है। इससे पहले 24 जून को 11 बच्चे खिड़की तोड़कर बाल सुधार गृह से फरार हो गए थे। बाद में सभी 11 बच्चों को पकड़ लिया गया था। इसके बाद 14 जुलाई की रात पुराने और कमजोर दरवाजे को तोड़कर 13 बच्चे फिर से भाग निकले। इनमें से 9 बच्चों को पकड़ लिया गया है, जबकि 4 अब भी फरार हैं।

चोरी के आरोपी थे तीनों

जानकारी के मुताबिक, तीनों नाबालिगों को चोरी के आरोप में प्लेस ऑफ सेफ्टी में रखा गया था। तीनों आदतन अपराधी है। शुक्रवार सुबह योगा के समय तीनों दिखाई नहीं दिए। ऐसे में कर्मचारियों ने उनकी तलाश की। जांच के दौरान पता चला कि वे भाग चुके हैं।

मौके पर पहुंचे कलेक्टर

सीसीटीवी फुटेज देखने पर तीनों एक साथ परिसर से बाहर जाते हुए दिखाई दिए। इसके बाद तुरंत गांधीनगर थाना पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर कलेक्टर अजीत वसंत और पुलिस अधिकारी हाउस ऑफ सेफ्टी पहुंचे।

उन्होंने घटना की जानकारी ली और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। पुलिस ने बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में भी तलाश की, लेकिन अभी तक तीनों का पता नहीं चल सका। फिलहाल, पुलिस टीम तलाश में जुटी हुई है।

पहले भी कई बार हो चुके हैं गिरफ्तार

हाउस ऑफ सेफ्टी के प्रभारी अधीक्षक नीपू राम कुशवाहा ने बताया कि फरार हुए तीनों नाबालिग आदतन अपराधी हैं। इनमें दो कोरिया जिले के और एक बलरामपुर का रहने वाला है। तीनों ने हाथ से ही ग्रिल को तोड़ा था। ग्रिल काफी पुरानी थी।

कलेक्टर अजीत वसंत ने दिए निर्देश

  • भवन की सुरक्षा मजबूत करने और आवश्यक मरम्मत कार्य तुरंत शुरू हो।
  • बार-बार भागने वाले बालकों के स्थानांतरण और मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग हो।
  • सुरक्षा में लापरवाही पाए जाने पर संस्था के अधीक्षक को निलंबित करने के निर्देश।

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