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गरियाबंद में DVC मेंबर बलदेव समेत 9 नक्सलियों का सरेंडर:कुल 45 लाख के इनामी, AK-47, SLR जैसे हथियार लेकर आए, ओडिशा-बॉर्डर पर एक्टिव थे

गरियाबंद,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सोमवार को 9 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इनमें डीवीसी सदस्य बलदेव और अंजू भी शामिल हैं, जिन पर 8-8 लाख रुपए का इनाम घोषित था। सरेंडर नक्सली ओडिशा बॉर्डर पर सक्रिय थे। जो कि अपने साथ 3 एके-47, 2 एसएलआर और 1 .303 राइफल लेकर आए।

सभी 9 नक्सलियों पर 45 लाख रुपए का इनाम घोषित था। जिसमें 6 महिला भी शामिल हैं। रविवार को एसपी वेदव्रत सिरमौर्य राजा डेरा गांव पहुंचे थे, जहां उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात की। इसके बाद सोमवार सुबह करीब 11 बजे नक्सली राजा डेरा गांव पहुंचे और आत्मसमर्पण करने की इच्छा जताई।

सरेंडर के दो दिन पहले बलदेव और अंजू के परिजनों ने घर वापसी की अपील की थी। जिसके बाद यह आत्मसमर्पण हुआ। वहीं, ओडिशा सीमा पर सक्रिय एक अन्य टुकड़ी में शामिल उषा के परिवार ने भी अपील की है। हालांकि, उषा ने अब तक आत्मसमर्पण नहीं किया है।

सभी नक्सली एक वाहन में सवार होकर जिला मुख्यालय के लिए रवाना पहुंचे।

नक्सली अपने साथ 3 एके-47, 2 एसएलआर और 1 .303 राइफल लेकर आए।

डमरू ने अपने हथियार आईजी अमरेश मिश्रा को सौपा।

पुलिस ने नक्सलियों से मैगजीन भी बरामद किए हैं।

वाहन में सवार होकर जिला मुख्यालय पहुंचे नक्सली

जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह 11 बजे सभी नक्सली एक वाहन में सवार होकर जिला मुख्यालय के लिए रवाना हुए। वहां उन्होंने आईजी अमरेश मिश्रा के सामने हथियार डाले। आईजी अमरेश मिश्रा ने कहा कि फिलहाल गरियाबंद जिले को औपचारिक रूप से नक्सल मुक्त घोषित नहीं किया जा सकता।

लेकिन यह तय है कि जिले में सक्रिय नक्सलियों की सूची में अब कोई नाम बचा नहीं है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में बलदेव, अंजू सरुपा, रतना, गोविंदा उर्फ रंजिता, सोनी उर्फ बुधरी, उर्षा, नविता और डमरु शामिल है।

सरेंडर नक्सली ओडिशा बॉर्डर पर सक्रिय थे।

गणतंत्र दिवस पर नक्सल मुक्त घोषित होने की संभावना

9 नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद गरियाबंद जिला नक्सल मुक्त होने के कगार पर पहुंच गया है। संभावना जताई जा रही है कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिले को नक्सल मुक्त घोषित किया जा सकता है।

पहले नक्सली घटनाओं का गढ़ रहा इलाका

भालूडीगी और राजाडेरा की वही पहाड़ियां, जहां पहले में 2 सीसी मेंबर समेत 20 से अधिक नक्सली मारे गए थे। बीते कुछ महीनों से इन नक्सलियों की सक्रियता का केंद्र थीं। सुरक्षा एजेंसियां भी उनकी गतिविधियों को लेकर सतर्क थीं।

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