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सरेंडर नक्सलियों ने देखी विधानसभा की कार्यवाही:झीरम हमले का मास्टरमाइंड भी पहुंचा, विपक्ष ने विकास कार्यों की स्वीकृति मांगी, वित्तमंत्री के जवाब पर हंगामा

रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के 120 सरेंडर नक्सलियों ने आज विधानसभा की कार्यवाही देखी। इनमें 1 करोड़ का इनामी पूर्व नक्सली रुपेश और झीरम हमले का मास्टरमांड चैतू भी कार्यवाही देखने पहुंचा था। इससे पहले गुरुवार रात ये सभी नक्सली डिप्टी सीएम विजय शर्मा के निवास पर डिनर के लिए पहुंचे थे।

वहीं, सदन में आज सत्ता पक्ष के विधायकों ने किसानों की ट्रेनिंग में खर्च, परीक्षा में नकल के मुद्दे पर अपने ही सरकार से जवाब मांगा। इसके साथ ही विपक्ष ने विकास कार्यों की स्वीकृति मांगी। वित्त मंत्री के जवाब पर विपक्ष ने हंगामा किया। सदन के बाहर मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायकों ने सरेंडर नक्सलियों के साथ फोटो खिंचवाई।

1 करोड़ का इनामी पूर्व नक्सली रुपेश और झीरम हमले में शामिल रहा सरेंडर नक्सली चैतू भी विधानसभा पहुंचे थे।

डिप्टी CM विजय शर्मा ने सरेंडर नक्सलियों को मंत्री ओपी चौधरी, रामविचार नेताम ‌और बीजेपी अध्यक्ष किरण सिंहदेव से मिलवाया। CM साय भी मिले।

कार्यवाही देखने विधानसभा पहुंचे सरेंडर नक्सलियों को जांच के बाद अंदर भेजा गया।

सत्ता पक्ष के विधायकों के तल्ख तेवर, परीक्षा में नकल का मुद्दा उठाया

सदन में सत्ता पक्ष के विधायक प्रमोध मिंज, अजय चंद्राकर, रिकेश सेन ने परीक्षा में नकल और परीक्षा केंद्र से वंचित किए जाने को लेकर ध्यानाकर्षण लगाया।

विधायकों ने तल्ख तेवर में कहा- बच्चे 15 किलोमीटर दूर जाकर परीक्षा दे रहे। परीक्षा केंद्र से वंचित रखने से उन्हें परेशानी हो रही। ये केंद्र सरकार के नियमों का उल्लंघन है। मंत्री गजेंद्र यादव ने जवाब दिया कि अगले शिक्षा सत्र से व्यवस्था ठीक होगी।

विपक्ष ने विकास कार्यों की स्वीकृति मांगी, हंगामा हुआ

कांग्रेस विधायकों के सवाल। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जवाब पर हंगामा हुआ।

  • विधायक उमेश पटेल- रायगढ़ जिले में संचालित उद्योगों में कितने मामले अवैध फ्लाईऐश डंप के आए और कितने पर कार्रवाई हुई।
  • वित्त मंत्री OP चौधरी- आपकी सरकार की अपेक्षा 10 गुना ज्यादा कार्रवाई हुई, हमने ट्रांसपोर्ट्स की धरपकड़ की है।
  • पूर्व CM भूपेश बघेल- जिसको आप निरंक बता रहे, उस समय तो आपकी सरकार ने लॉकडाउन लगाया था।

वित्त मंत्री के जवाब पर सदन में हंगामा हुआ। हंगामे के बाद विपक्ष का पहला वॉकआउट।

  • विधायक संगीता सिन्हा- 18 करोड़ के काम की स्वीकृति मांगी।
  • वित्त मंत्री ओपी- यह विभागीय प्रक्रिया यहां घोषणा करना उचित नहीं।
  • भूपेश बघेल- आप विपक्ष का काम नहीं करना चाहते।

सदन में नारेबाजी के बाद विपक्ष का दूसरा वॉकआउट।

फसल उत्पादन और खर्च की जानकारी मांगी

विधायक पुन्नूलाल मोहले ने फसल उत्पादन और खर्च का मामला उठाया। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने जवाब दिया।

  • सवाल- 900 किसानों को प्रदर्शनी और हाईब्रिड का प्रशिक्षण दिया गया, क्या लाभ मिला।
  • जवाब- किसान कैसे ज्यादा उत्पाद ले, इसकी ट्रेनिंग दी गई। इस प्रशिक्षण से यदि उत्पादन बढ़ता है तो किसानों को आर्थिक लाभ होगा।
  • सवाल – प्रदर्शन में कितने किसानों को बीज दिए गए। कौन और कितने अधिकारियों ने किसानों को प्रशिक्षण दिया। किसानों को दिए खाद का मूल्यांकन कौन करता है।
  • जवाब – नीचे से चयनित होकर जिन किसानों का नाम आता है, उन्हें प्रशिक्षण और खाद देते हैं। यह सही है कि हम छत्रपति मूल्यांकन नहीं कर पाते हैं, सुझाव आया है तो जमीनी स्तर पर लागू करेंगे।

सदन में मंत्री ओपी चौधरी, रामविचार नेताम ने अपने विभागों से जुड़े सवालों का जवाब दिया।

26 फरवरी को डिप्टी सीएम विजय शर्मा के निवास में सरेंडर नक्सलियों का रेड कार्पेट बिछाकर स्वागत किया गया।

सभी सरेंडर नक्सलियों को तोहफो भी दिए गए।

सरेंडर नक्सलियों में चैतू और रुपेश शामिल

सरेंडर किए 120 नक्सली जो आज विधानसभा की कार्यवाही देखने पहुंचे थे, इनमें कई पूर्व नक्सली लीडर भी शामिल है। साल 2013 जगदलपुर में हुए झीरम घाटी हमले का मास्टरमाइंड चैतू उर्फ श्याम दादा भी आज विधानसभा पहुंचा था। इसने 3 महीने पहले ही जगदलपुर में आत्मसमर्पण किया था।

वहीं, सतीश उर्फ रूपेश जो सेंट्रल कमेटी का मेंबर (CCM) था। इस पर 1 करोड़ का इनाम भी था। इसने 210 साथियों के साथ जगदलपुर में सरेंडर किया था। यह भी विधानसभा पहुंचा था।

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