कोरबा। कोरबा के मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल परिसर में नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती एक युवक सुरेंद्र राठौर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सुरेंद्र शक्ति जिले के केसला निवासी था और उसे नशे की लत थी। परिजनों ने उसे इलाज के लिए नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था, लेकिन उसकी अचानक मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया और संदेह जताया।

मृतक के पिता चुन्नी लाल राठौर ने बताया कि उन्हें मोबाइल पर ऑनलाइन जानकारी मिली थी कि कोरबा के खरमोरा में एक नशा मुक्ति केंद्र संचालित है।मोबाइल नंबर के जरिए संपर्क करने पर 26 तारीख को चार लोग एक वाहन में उनके घर आए और सुरेंद्र को नशा मुक्ति केंद्र कोरबा ले गए।
सुरेंद्र राठौर (मृतक) जिसकी नशा मुक्ति केंद्र में संदिग्ध मौत हो गई।
2 दिन पहले बातचीत हुई तब स्वस्थ था सुरेंद्र
परिजनों के अनुसार, वाहन किराए के रूप में दो हजार रुपये लिए गए। इसके अतिरिक्त, महीने का 12 हजार रुपये इलाज, पानी और रखरखाव के लिए और तीन हजार रुपये ब्लड टेस्ट के लिए तुरंत लिए गए। 28 तारीख को सीसीटीवी के ज़रिये से सुरेंद्र से उनकी बातचीत भी कराई गई थी, तब वह स्वस्थ दिख रहा था।
मौत पर गहरा संदेह
30 तारीख को परिजनों को फोन कर बताया गया कि सुरेंद्र की तबीयत खराब है और उन्हें आने के लिए कहा गया। जब परिजन केंद्र पहुंचे, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों ने सुरेंद्र की मौत कब, कैसे और किन परिस्थितियों में हुई, इस पर गहरा संदेह व्यक्त किया है।
परेशान मृतक सुरेंद्र के पिता और परिजन
सम्भवतः झटका आने से हुई मौत:केयरटेकर
नशा मुक्ति केंद्र के केयरटेकर राजू राजपूत ने बताया कि सुरेंद्र राठौर स्वस्थ था। उन्होंने कहा कि नशा छोड़ने पर अचानक झटका आता है और संभवतः इसी झटके के कारण यह घटना हुई होगी। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती लोगों की जांच के लिए जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टर अंकित गुप्ता इलाज करते हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत का पता चलेगा
इस मामले में कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि पोड़ी बहार, खरमोरा स्थित नशा मुक्ति केंद्र में एक युवक की मौत का मामला सामने आया है, जहां मौत को लेकर संदेह है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का वास्तविक कारण पता चल सकेगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
