रायपुर,एजेंसी। टीईटी को लेकर चल रही अनिश्चितता के बीच छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने कार्यरत शिक्षकों के लिए अलग से विभागीय सीमित टीईटी परीक्षा कराने की मांग उठाई है। इस मुद्दे को लेकर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने लोक शिक्षण संचालनालय में अधिकारियों से मुलाकात कर शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा पर चर्चा की।
बैठक में अधिकारियों ने टीईटी देने वाले सहायक शिक्षकों की संख्या, बिना टीईटी वाले शिक्षकों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव और न्यायालय व शासन से जुड़े पहलुओं पर जानकारी ली। साथ ही एसोसिएशन से विभागीय टीईटी परीक्षा को लेकर विस्तृत सुझाव देने को कहा।
प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने डीपीआई ऋतुराज रघुवंशीऔर उप संचालक ए.एन. बंजारा से कहा कि प्रदेश में लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा और पदोन्नति के अवसर बनाए रखने के लिए “विभागीय सीमित शिक्षक पात्रता परीक्षा” आयोजित करना जरूरी है।
एसोसिएशन ने इस संबंध में शिक्षा सचिव और संचालक को प्रस्ताव भेजकर विभागीय टीईटी कराने की मांग भी की है।
पुनर्विचार याचिका खारिज होने पर बढ़ सकती है परेशानी
एसोसिएशन ने कहा कि यदि न्यायालय में दायर पुनर्विचार याचिका खारिज हो जाती है तो टीईटी उत्तीर्ण करने के लिए निर्धारित दो वर्ष की समय-सीमा समाप्त होने का खतरा रहेगा। ऐसी स्थिति में कई शिक्षक सेवा-सुरक्षा और पदोन्नति के लाभ से वंचित हो सकते हैं।
एसोसिएशन ने यह भी आशंका जताई कि क्रमोन्नति प्रकरण की तरह फिर से शिक्षकों को न्यायालयीन प्रक्रिया के नाम पर भटकाया जा सकता है। इसलिए विभागीय सीमित टीईटी परीक्षा शिक्षकों के हित में सकारात्मक कदम होगा। एसोसिएशन ने विभाग आठ बिन्दुओं में एक प्रस्ताव दिया हैं। इसके अलाव एग्जाम पैटर्न पर भी सुझाव दिया है।
प्रपोजल के प्वाइंटस
- कार्यरत शिक्षकों के लिए पृथक विभागीय सीमित शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित की जाए।
- परीक्षा का पाठ्यक्रम व्यावहारिक और सेवा-अनुभव आधारित हो।
- न्यूनतम उत्तीर्णांक युक्तिसंगत रखा जाए ताकि अनुभवी शिक्षक अपात्र न हों।
- परीक्षा में आयु सीमा में छूट और सेवा अनुभव को वेटेज दिया जाए।
- परीक्षा को पदोन्नति और सेवा नियमितीकरण से जोड़ा जाए।
- परीक्षा प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और विभागीय स्तर पर ही संचालित हो।
- परीक्षा प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक दोनों स्तरों के लिए आयोजित की जाए।
- परीक्षा के लिए सुझाए गए प्रावधान
एग्जाप पैटर्न पर सुझाव
सेवाकालीन परीक्षा होने के कारण न्यूनतम उत्तीर्णांक 33 प्रतिशत रखा जाए।
पेपर-1 और पेपर-2 आयोजित किए जाएं।
प्रश्न कक्षा 1–5 और 6–8 के पाठ्यक्रम व सामान्य शैक्षणिक अवधारणाओं पर आधारित हों।
दोनों परीक्षाओं के बीच कम से कम 15 दिन का अंतर रखा जाए।
परीक्षा ऑफलाइन (OMR आधारित) हो।
कुल 100 बहुविकल्पीय प्रश्न हों और परीक्षा अवधि 3 घंटे की हो।
