रायपुर,एजेंसी। राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर तीजा-पोरा तिहार मनाया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 3 हजार महिलाएं पहुंची हुई हैं। इनमें महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाएं, महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियां और मितानिनें शामिल हैं।

कार्यक्रम में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े खास ट्रेडिशनल छत्तीसगढ़ी परिधान में नजर आईं। कार्यक्रम में मंत्री अरुण साव, मेयर मीनल चौबे, विधायक अनुज शर्मा सहित अन्य बड़े नेता मौजूद रहे। इसके अलावा कलेक्टर गौरव शर्मा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत शिव-पार्वती, नंदिया बैला और कृषि यंत्रों की पूजा के साथ की गई। इसके अलावा मेहंदी, चूड़ी और आलता के आकर्षक स्टॉल भी लगाए गए हैं। कार्यक्रम में शामिल महिलाओं के लिए विशेष साड़ी भी मंगाई गई है। स्पेशल छत्तीसगढ़ी व्यंजन की भी व्यवस्था की गई है।
देखिए तस्वीरें…
विशेष तौर पर बैलों को सजाया गया। पूजा के बाद कार्यक्रम शुरू हुआ।
सांस्कृतिक परिधान में नजर आईं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े।
मंच पर तमाम बड़े नेता मौजूद रहे।
कलेक्टर गौरव सिंह समेत जिले के बड़े प्रशासनिक अधिकारी कार्यक्रम में पहुंचे।
आलता के लिए स्पेशल स्टॉल लगाया गया था।
आलता लगाती हुईं महिलाएं।
चूड़ियों का भी स्टॉल लगाया गया था।
मेहंदी लगवाने के लिए विशेष स्टॉल लगा हुआ था।
महिलाओं में काफी उत्साह दिखा। खासकर झूले पर बैठकर कई तस्वीरें खिंचाई गई।
महिलाओं को बांटने के लिए बड़ी संख्या में साड़ियां मंगाई गई है।
तीजा तिहार का महत्व
भादो महीने में मनाया जाने वाला तीजा-पोरा तिहार छत्तीसगढ़ की असली पहचान है। यह सिर्फ धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक रिश्तों को जोड़ने वाला उत्सव है। इस मौके पर बेटियों और बहनों को मायके बुलाकर सत्कार किया जाता है। महिलाएं निर्जला व्रत रखकर शिव-पार्वती की पूजा करती हैं और दांपत्य जीवन की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।
