कोरबा/बरपाली। गत 01 अगस्त के अंक में दिव्य आकाश ने सण्डैल की 20 एकड़ जमीन को पट्टा के नाम पर बेच दिया गया… का समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था। सण्डैल के जनप्रतिनिधियों ने जनदर्शन में इसकी शिकायत की थी, जिस पर कलेक्टर ने पटवारी आभा सोनी को निलंबित कर दिया। ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने तहसीलदार पर भी उंगली उठाई और उपसरपंच एवं अधिवक्ता रामकुमार यादव ने तहसीलदार के खिलाफ भी कार्यवाही की मांग की और उनकी भूमिका की भी जांच करने की मांग की थी। उपसरपंच ने बताया कि यदि तहसीलदार इतने ईमानदार हैं तो शिकायत से पहले इस बड़े फर्जीवाड़ा पर संज्ञान क्यों नहीं लिया।
समाचार छापने से पूर्व दिव्य आकाश प्रतिनिधि ने तहसीलदार से प्रतिक्रिया जानने कई बार फोन से सम्पर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कई घंटे तक उनका मोबाइल व्यस्त ही आ रहा था। तहसीलदार ने कॉल बेक करने की जहमत भी नहीं उठाई और अब समाचार छपने के बाद भड़क गए हैं और अधिवक्ता अमित कुमार चाकी बिलासपुर के माध्यम से लीगल नोटिस भेजा है।
इतने बड़े पब्लिक सर्वेंट और फोन भी नहीं उठाते
दिव्य आकाश प्रतिनिधि ने समाचार प्रकाशन के पूर्व तहसीलदार अभिजीत राजभानू को कई बार फोन लगाया, लेकिन घंटों तक उनका फोन व्यस्त ही आ रहा था। शायद डिस्टर्ब ना हों, इसलिए व्यस्त मोड में डाल दिए होंगे। समाचार प्रकाशन के बाद अब तहसीलदार साहब का ईगोहर्ट हो गया है और शायद इतने ईमानदार अधिकारी की छवि धूमिल हो गई है और लीगल नोटिस भेजा है। यदि 20 एकड़ जमीन की अफरा-तफरी में उनकी भूमिका नहीं है, तो किसान पत्र में उनका हस्ताक्षर कैसे है।
उनकी तहसील में इतना बड़ा फर्जीवाड़ा, तो संज्ञान क्यों नहीं लिया?
तहसीलदार राजभानू बरपाली तहसील में सेवा दे रहे हैं और स्वयं कार्यपालिक दण्डाधिकारी जैसे पद पर हैं। उनकी तहसील में इतना बड़ा फर्जीवाड़ा हो गया, तो उन्होंने कार्यवाही क्यों नहीं की? संस्था प्रमुख को इतना बड़ा फर्जीवाड़ा का पता आखिर कैसे नहीं चला? किसान पत्रक में क्या वे बिना सोचे समझे अपना हस्ताक्षर कर दिया। उनकी भूमिका पर इस तरह की कार्यवाही कई संदेहों को जन्म दे रहा है।
कटघोरा एसडीएम से सीखें- जनसेवा

कोरबा जिले के कटघोरा अनुविभाग (राजस्व) में नवपदस्थ प्रशिक्षु आईएएस तन्मय खन्ना ने अपने कार्यालय के बाहर अपना निजी मोबाईल नम्बर चस्पा करवाया है और वे हमेशा मोबाईल पर उपलब्ध रहते हैं और चस्पा किए गए नोटिस में साफतौर पर लिखा है कि जो भी काम के बदले रिश्वत मांगते हैं या फिर किसी काम को करने में आना-कानी करते हैं, तो उनके मोबाइल नंबर में काल कर इसकी शिकायत उन्हें करें। तत्काल कार्यवाही होगी। जिले में तन्मय खन्ना जैसे भी गवर्नमेंट सर्वेंट भी हैं, इनसे अन्य अधिकारी प्रशासनिक गुण सीखें।
उपसरपंच ने कहा- दिव्य आकाश के साथ पूरा गांव खड़ा है
ग्राम पंचायत सण्डैल के उपसरपंच एवं अधिवक्ता रामकुमार यादव ने कहा कि दिव्य आकाश में प्रकाशित समाचार सत्य और सही है। उन्होंने तहसीलदार पर सवाल उठाया कि यदि वे इतने ईमानदार हैं, तो उन्होंने कलेक्टर की कार्यवाही के पूर्व स्वयं दोषियों के खिलाफ कार्यवाही क्यों नहीं की। इतना बड़ा फर्जीवाड़ा होने पर विभाग प्रमुख होने के नाते उन पर संदेह लाजिमी है। उन्होंने कहा कि दिव्य आकाश के साथ पूरा गांव खड़ा है।
