जांजगीर | जिले में बढ़ते अपराधों को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय की पहल पर कलेक्टर ने मकान मालिकों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब हर मकान मालिक को अपने किरायेदार की पूरी जानकारी नजदीकी थाना या चौकी में देनी अनिवार्य होगी। मकान किराए पर देने से पहले किरायेदार का नाम, पता, मोबाइल नंबर और वैध पहचान पत्र की जांच जरूरी होगी।
यदि कोई किरायेदार अपनी पहचान छुपाता है तो उसे मकान किराए पर नहीं देना है। मकान मालिक को किरायेदार की जानकारी छुपाने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा। पुलिस का मानना है कि इससे जिले में छिपे अवैध प्रवासी और बांग्लादेशियों की पहचान में मदद मिलेगी। कई बार अपराधी दूसरे जिलों से आकर गांव-शहर में किराए पर रहते हैं और अपराध कर छिप जाते हैं। इससे शांति व्यवस्था और जनसुरक्षा को खतरा होता है।
