शिवाजी महाराज के अपमान के विरोध में प्रदर्शन हो रहा था
पुणे,एजेंसी। पुणे के दौंड में शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक पोस्ट के बाद तनाव बढ़ गया है। दो गुटों की भीड़ ने सड़कों पर कई गाड़ियों को आग लगा दी गई।
धार्मिंक स्थल पर पथराव किया है। घटना पुणे से 80 किमी दूर दौंड के यवत गांव की है। तनाव को देखते हुए यवत का साप्ताहिक बाजार बंद कर दिया गया है।
पुलिस ने हालात को काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। यवत पुलिस निरीक्षक नारायण देशमुख ने बताया कि आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले युवक का नाम सैय्यद है और हिरासत में ले लिया है।

पहले इस मामले को समझिए
दरअसल, 26 जुलाई को यवत के नीलकंठेश्वर मंदिर में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ की घटना हुई थी। इसी को लेकर गुरुवार से ही विरोध हो रहा था।
इसी विवाद पर शुक्रवार को एक युवक की आपत्तिजनक पोस्ट वायरल हो गई। इसके बाद प्रदर्शनकारी यवत के सहकार नगर में युवक के घर पहुंचे और तोड़फोड़ की। तभी दो पक्षों में टकराव हो गया और तनाव की स्थिति बन गई।
पुणे के यवत में तनाव की तस्वीरें…
पुणे के यवत में आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले युवक के घर भीड़ ने तोड़फोड़ की।
यवत इलाके में कई गाड़ियों को आग लगाई गई है। घरों को भी नुकसान पहुंचा है।
प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने मस्जिद पर पथराव किया। इलाके में तनाव बना हुआ है।
प्रदर्शनकारियों-पुलिस के बीच में भी झड़प हुई। हालात काबू में लाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े।
यवत के कई इलाकों में पुलिस और सिक्योरिटी फोर्स की तैनाती बढ़ा दी गई है।
पुलिस अधिकारी बोले- इलाके में पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई
SP संदीप सिंह गिल ने बताया कि दोपहर को सूचना मिली थी कि यवत गांव में एक युवक ने अपने व्हाट्सएप और फेसबुक स्टेटस पर आपत्तिजनक पोस्ट डाली है। इसके बाद लड़के को पुलिस स्टेशन लाया गया। जरूरी कार्रवाई शुरू कर दी गई थी, लेकिन तब तक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी।
गुस्साए लोगों ने सड़कों पर विरोध किया और धार्मिक स्थल पर पत्थरबाजी की। हालांकि घटना कोई घायल नहीं हुआ है।यवत इलाके में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी है। हालात फिलहाल काबू में है।
मार्च 2025: नागपुर में औरंगजेब कब्र विवाद को लेकर हिंसा भड़की थी
इससे पहले मार्च में औरंगजेब कब्र विवाद को लेकर महाराष्ट्र के नागपुर के महल इलाके में दो पक्षों में हिंसा हुई थी। विश्व हिंदू परिषद ने औरंगजेब का पुतला फूंका था, इसके बाद हिंसा भड़की थी। अधिकारियों ने बताया था कि अफवाह फैली कि प्रदर्शनकारियों ने पुतले के साथ एक धार्मिक पुस्तक जलाई। इससे दो पक्षों में पथराव हुआ। कई गाड़ियों में तोड़फोड़ हुई।
