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बैज बोले-जनता को ठगा…सत्ताधीश मालामाल हो गए:आरोप-पत्र में कहा-सरकार की नीतियों से हर वर्ग परेशान, ओपी चौधरी बोले-कांग्रेस के कृत्यों से किताब बन जाएगी

रायपुर ,एजेंसी। छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने भाजपा की साय सरकार पर भ्रष्टाचार, कुशासन और वादाखिलाफी के आरोप लगाए हैं। कांग्रेस ने आरोप पत्र जारी कर कहा कि पिछले 1 साल में राज्य की जनता बदहाल हो गई है, जबकि भाजपा के सत्ताधीश मालामाल हो गए हैं। सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन करेंगे।

रायपुर के राजीव भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में PCC चीफ दीपक बैज ने कहा कि, साय सरकार दिशाहीन और निर्णयहीन होकर काम कर रही है। सरकार की नीतियों ने हर वर्ग को परेशान किया है। वहीं मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि कांग्रेस के कृत्यों से किताब बन जाएगी।

कांग्रेस ने भाजपा की साय सरकार पर भ्रष्टाचार, कुशासन और वादा खिलाफी को लेकर रविवार को आरोप पत्र जारी किया। इस दौरान इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता सत्यनारायण शर्मा और धनेन्द्र साहू भी मौजूद रहे।

कांग्रेस ने भाजपा की साय सरकार पर भ्रष्टाचार, कुशासन और वादा खिलाफी को लेकर रविवार को आरोप पत्र जारी किया। इस दौरान इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता सत्यनारायण शर्मा और धनेन्द्र साहू भी मौजूद रहे।

बैज ने सरकार को समर्थन मूल्य पर घेरा

साथ ही बैज ने कहा कि छोटे प्लाटों की रजिस्ट्री बंद करने के मुद्दे को नगरीय निकाय और पंचायतों में उठाएंगे। बीजेपी ने धान पर 3 हजार 217 रुपए प्रति क्विंटल धान खरीदी का वादा किया था, लेकिन समर्थन मूल्य देने का वादा पूरा नहीं किया।

मंत्री बोले- उपन्यास से बड़ी पुस्तक बनेगी

मंत्री ओपी चौधरी ने आरोप पर कहा कि 5 साल में कांग्रेस ने जो कृत्य किए हैं, उसका आरोप पत्र बनाएंगे तो उपन्यास से बड़ी पुस्तक बनेगी। एक साल के हमारे कार्यकाल पर आरोप लगा रहे हैं। ठीक है उनका काम है आरोप लगाना, लेकिन जनता सब जानती है।

मंत्री ने कहा कि आप नगरीय निकाय के किसी भी जगह में चले जाएं, किस तरह से विकासकार्य हो रहे हैं, यह किसी को बताने की जरूरत नहीं है। सभी जगह जनता विकास और परिवर्तन को महसूस कर रही है।

ओपी चौधरी ने आरोप पर कहा कि 5 साल में कांग्रेस ने जो कृत्य किए हैं, उसका आरोप पत्र बनाएंगे तो उपन्यास से बड़ी पुस्तक बनेगी।

कांग्रेस ने आरोप पत्र में गिनाई सरकार की 25 नाकामियां

  • जनता को ठगा गया: भाजपा सरकार जनता की उम्मीदों पर पूरी तरह विफल रही, हर वर्ग में निराशा है।
  • भ्रष्टाचार और कुशासन: राज्य में भ्रष्टाचार बढ़ा, शासन पूरी तरह दिशाहीन हो गया।
  • ओबीसी आरक्षण विवाद: स्थानीय निकायों में दोषपूर्ण आरक्षण नीति से ओबीसी वर्ग नाराज।
  • किसानों से धोखा: धान पर 3217 रुपए प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य देने का वादा पूरा नहीं किया गया।
  • बढ़ता अपराध: गृहमंत्री के जिले में हत्या, आगजनी और निर्दोषों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए।
  • बलौदाबाजार हिंसा: सतनामी समाज के युवाओं और विपक्षी नेताओं को षड्यंत्रपूर्वक जेल में डाला गया।
  • अंखफोड़वा कांड: लापरवाहीपूर्वक मोतियाबिंद ऑपरेशन में बुजुर्गों की आंखों की रोशनी चली गई।
  • धर्मांतरण का विवाद: दबावपूर्वक धर्मांतरण बढ़ा, जिससे तीन लोगों ने आत्महत्या कर ली।
  • नौकरी में भ्रष्टाचार: पुलिस, वनरक्षक और सरकारी नौकरियों की भर्तियों में भ्रष्टाचार हुआ।
  • रोजगार के झूठे वादे: 1 लाख नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन 1 साल में कोई भर्ती नहीं हुई।
  • आवास योजना विफल: 18.5 लाख आवास देने का वादा किया था, लेकिन सरकार ने कोई योजना नहीं बनाई।
  • महिलाओं को ठगा गया: 500 रुपए में गैस सिलेंडर देने का वादा पूरा नहीं हुआ।
  • गरीबों पर अत्याचार: मकान और दुकानों को बुलडोजर से तोड़ा गया, भाजपा के लोगों ने सरकारी जमीनों पर कब्जा किया।
  • डीजल छूट में भेदभाव: उद्योगपतियों को 6.50 रुपए प्रति लीटर छूट दी गई, लेकिन किसानों और ट्रांसपोर्टर्स को नहीं।
  • नशे का कारोबार बढ़ा: सत्ता के संरक्षण में अवैध शराब, गांजा, ड्रग्स और नशीली दवाइयां बिक रही हैं।
  • अस्पतालों में लापरवाही: सरकारी अस्पतालों में इलाज और दवाइयों की सुविधा नहीं मिल रही।
  • शिक्षा पर असर: स्कूलों में चॉक और डस्टर खरीदने तक के पैसे नहीं हैं।
  • रजिस्ट्री में गड़बड़ी: कांग्रेस सरकार द्वारा दी गई 30% छूट खत्म कर दी गई, जिससे गरीबों के घर खरीदने का सपना टूटा।
  • छोटे प्लाटों की रजिस्ट्री बंद: सरकार 5 डिसमिल से छोटे प्लॉटों की रजिस्ट्री बंद करने जा रही है।
  • बिजली की मार: 1 साल में 4 बार बिजली के दाम बढ़े, 400 यूनिट की छूट खत्म कर दी गई।
  • महंगाई चरम पर: रेत के दाम 6 गुना और सीमेंट के दाम 5 बार बढ़ाए गए, जिससे निर्माण कार्य ठप हो रहे हैं।
  • संविदा कर्मचारियों से धोखा: 100 दिन में नियमित करने का वादा किया था, लेकिन उल्टे कई कर्मचारियों को निकाल दिया गया।
  • कल्याणकारी योजनाएं बंद: बेरोजगारी भत्ता, तेंदूपत्ता बीमा योजना और कोदो-कुटकी खरीदी बंद कर दी गई।
  • सामाजिक सुरक्षा खत्म: वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन जैसी योजनाएं बंद होने से गरीब परेशान हैं।
  • नक्सल नीति पर असफलता: 1 साल में कोई स्पष्ट नक्सल नीति नहीं बनी, रोज नक्सली घटनाएं हो रही हैं।

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