मुंबई,एजेंसी। सलमान खान के पिता और दिग्गज स्क्रिप्ट राइटर सलीम खान को मंगलवार सुबह मुंबई के लीलावती अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल उनकी हालत स्थिर है, लेकिन उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
हालांकि, अभी तक उनके अस्पताल में भर्ती होने की वजह सामने नहीं आई है। बुधवार सुबह 11 बजे परिवार की अनुमति के बाद मेडिकल बुलेटिन जारी किया जाएगा।
सलीम खान की तबीयत बिगड़ने के बाद बेटे सलमान खान समेत परिवार के कई सदस्य अस्पताल पहुंचे। बेटी अलवीरा भागते हुए लीलावती अस्पताल जाती दिखीं। इसके अलावा उनकी दोनों पत्नी सलमा और हेलेन, बेटे अरबाज, दामाद अतुल अग्निहोत्री और आयुष शर्मा को भी अस्पताल के बाहर देखा गया।
अस्पताल पहुंचे परिवार के सदस्य
सलमान खान पिता को देखने लीलावती अस्पताल पहुंचे।
बेटी अलवीरा खान भागते हुए अस्पताल पहुंचीं।
सलमान खान की मां और सलीम खान की पत्नी सलमा खान अस्पताल पहुंचीं।
सलीम खान के दामाद अतुल अग्निहोत्री भी हॉस्पिटल पहुंचे।
सलीम खान की बेटी अर्पिता के पति और एक्टर आयुष शर्मा भी अस्पताल पहुंचे।
अलवीरा और अतुल के बेटे अयान भी हॉस्पिटल पहुंचे।
अलवीरा और अतुल की बेटी अलीजेह भी अस्पताल पहुंचीं।
सलीम खान के पोते अरहान और निर्वाण अस्पताल जाते हुए नजर आए।
हेलेन भी पति सलीम खान को देखने अस्पताल पहुंचीं।
1960 के दशक में करियर शुरू हुआ था
बता दें कि सलीम खान का जन्म 24 नवंबर 1935 को हुआ था और वह हाल ही में 90 साल के हुए हैं। वह हिंदी सिनेमा के दिग्गज स्क्रिप्ट राइटर में गिने जाते हैं।
सलीम खान ने अपने करियर की शुरुआत एक्टिंग से की थी। 1960 के दशक में फिल्म बारात से करियर शुरू हुआ, लेकिन फिल्मों में उन्हें सीमित और छोटे किरदार ही मिले।
लगभग दो दर्जन फिल्मों में काम करने के बाद उन्होंने महसूस किया कि एक्टिंग उनकी वास्तविक ताकत नहीं है। इसके बाद उन्होंने लेखन की ओर रुख किया और पटकथा लेखन में कदम रखा।

अभिनय के शुरुआती दिनों में सलीम खान ‘प्रिंस सलीम’ नाम का उपयोग करते थे।
‘सलीम-जावेद’ की जोड़ी फेमस हुई
सलीम खान और जावेद अख्तर की जोड़ी ‘सलीम–जावेद’ के नाम से मशहूर रही है। दोनों ने मिलकर हिंदी सिनेमा को कई सुपरहिट और यादगार फिल्में दीं, जैसे जंजीर, दीवार, शोले, डॉन और सीता और गीता। इन फिल्मों की दमदार कहानियां और संवाद लोगों के दिलों में बस गए।
उनकी लिखी स्क्रिप्ट ने फिल्मों का अंदाज़ बदल दिया। उन्होंने मजबूत किरदार, संवाद और सामाजिक मुद्दों को कहानी का हिस्सा बनाया। सलीम–जावेद की सफलता से फिल्म इंडस्ट्री में लेखकों को नई पहचान और सम्मान मिला, और उन्हें भी स्टार्स की तरह महत्व मिलने लगा।
