कोरबा। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतोष शार्मा के निर्देश में संविधान दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा द्वारा संस्कार भारती हायर सेकेण्डी स्कूल डिंगापुर स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें सचिव कुमारी डिंपल ने छात्र/छात्राओं को संविधान का प्रस्तावना गरिमा एवं सम्मान के मुलभूत सिद्धांत प्राधिकरण द्वारा संचालित नि:शुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत, और अन्य चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। प्रेरक उद्बोधन में लोक-तंत्र के तीन स्तम्भ- विधायिका, कार्यपालिका और न्याय पालिका का आपसी समन्वय के साथ कार्य किया जाना समझाया गया। सचिव कु डिम्पल ने बताया कि विधायिका कानून बनाती है, कार्यपालिका लागू कराती है और न्याय पालिका कानून के माध्यम से न्याय सुनिश्चित कराती है। छात्र/छात्राओंं को यह भी बताया गया कि एक जागरूक नागरिक ही संविधान की वास्तविक शक्ति बनता है।
कु डिंपल का संदेश
सविधान केवल पढ़ने की चीज नहीं बल्कि जीवन में अपनाई जाने वाली दिशा दर्शिका है इसे व्यवहार में लाना भी हमार कर्तव्य है। संविधान नागरिकों का मौलिक अधिकारों के साथ-साथ उनके कर्तव्यों की भी याद दिलाता है। भारत का संविधान सिर्फ, एक दस्तावेज नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के अधिकारों, कर्तव्यों और समानता की नींव है इसके निर्माताओं की दूरदर्शिता ने देश को विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र बनाया है।
इसके साथ ही मौलिक अधिकारों, पर छात्र/छात्राओं को एक निबंध लेखन पर मार्गदर्शन किया।
इस अवसर पर शाला की उप प्रचार्या सुश्री हीरामणी निराला ने सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन की ओर से शेख सबीना, प्राचार्या ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रेरक उद्बोधनों और कार्यक्रमों से छात्रों को सशक्त, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाने की प्रेरणा मिलती है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में पैरालीगल वालेंटियर रमाकंात दूबे एवं गोपाल चन्द्रा एवं लीगल एड डिफेंस कौंसिल के कर्मचारी नागेन्द्र की अहम भूमिका रही।

